कर्नाटक संकट: विश्वासमत पर बिना वोटिंग के ही विधानसभा स्थगित

Updated at : 18 Jul 2019 10:56 PM (IST)
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कर्नाटक संकट: विश्वासमत पर बिना वोटिंग के ही विधानसभा स्थगित

<p>कर्नाटक सरकार को लेकर चल रहा संकट अब भी जारी है. विश्वास मत पर बहस के बीच विधानसभा की बैठक गुरुवार को बिना वोटिंग के स्थगित कर दी गई. शुक्रवार को इस पर फिर से चर्चा होगी.</p><p>कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर गठबंधन की सरकार अपने कई विधायकों के इस्तीफ़े के बाद से संकट में है.</p><p>विधानसभा […]

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<p>कर्नाटक सरकार को लेकर चल रहा संकट अब भी जारी है. विश्वास मत पर बहस के बीच विधानसभा की बैठक गुरुवार को बिना वोटिंग के स्थगित कर दी गई. शुक्रवार को इस पर फिर से चर्चा होगी.</p><p>कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर गठबंधन की सरकार अपने कई विधायकों के इस्तीफ़े के बाद से संकट में है.</p><p>विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने शुक्रवार तक के लिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मतदान से पहले बहस का आग्रह किया था. </p><p>बीजेपी का कहना था कि वोटिंग से पहले बहस को सत्ताधारी गठबंधन ने रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया ताकि वोटिंग को लटाकया जा सके. </p><p>बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलने गया था और राज्यपाल ने स्पीकर से शाम तक वोटिंग संपन्न कराने के लिए कहा था. </p><p>बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा का कहना है कि वो आधी रात तक वोटिंग का इंतजार करेंगे. बीजेपी ने फ़ैसला किया है कि उसके विधायक पूरी रात विधानसभा में प्रदर्शन करेंगे.</p><p>कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई ने स्पीकर को वोटिंग का निर्देश दिया तो विधानसभा में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के विधायकों ने बहस के दौरान विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी बिना बहस के राज्यपाल से संपर्क क्यों कर रही है. </p><p>अब गेंद स्पीकर रमेश कुमार के पाले में है कि वो वोटिंग कब कराएंगे. कई विशेषज्ञों का मानना है कि मामला फिर से अदालत में जा सकता है. </p><h3>क्या है संकट</h3><p>इस गठबंधन सरकार के कुल 16 विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिए हैं. इनमें से 13 कांग्रेस के हैं और तीन जेडीएस के. इन्होंने दो हफ़्ते पहले इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके साथ ही इस गठबंधन सरकार को दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल था लेकिन इन्होंने भी अपना समर्थन वापस ले लिया है. </p><p>इस सियासी संकट से पहले 224 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस और जेडीएस सरकार के पास 118 विधायक थे. दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के बाद बीजेपी के 107 विधायक हो गए हैं. अगर विधायकों का इस्तीफ़ा मंजूर हो जाता है तो गठबंधन सरकार के पास विधायकों की संख्या घटकर 101 हो जाएगी और 13 महीने पुरानी कुमारस्वामी की सरकार अल्पमत में आ जाएगी. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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