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दोहरे आत्मघाती हमले के बाद ट्यूनीशिया सरकार ने नकाब पर लगाया प्रतिबंध

Updated at : 06 Jul 2019 11:13 AM (IST)
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दोहरे आत्मघाती हमले के बाद ट्यूनीशिया सरकार ने नकाब पर लगाया प्रतिबंध

ट्यूनिश : ट्यूनीशिया के प्रधानमंत्री ने देश में हुए हमलों के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकारी कार्यालयों में नकाब पर प्रतिबंध लगा दिया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री यूसुफ चाहेद ने एक सरकारी परिपत्र पर हस्ताक्षर किये हैं. इसमें ‘सरकारी प्रशासनिक कार्यालयों एवं सरकारी संस्थानों में किसी भी व्यक्ति के […]

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ट्यूनिश : ट्यूनीशिया के प्रधानमंत्री ने देश में हुए हमलों के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकारी कार्यालयों में नकाब पर प्रतिबंध लगा दिया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री यूसुफ चाहेद ने एक सरकारी परिपत्र पर हस्ताक्षर किये हैं.

इसमें ‘सरकारी प्रशासनिक कार्यालयों एवं सरकारी संस्थानों में किसी भी व्यक्ति के मुंह ढक कर आने पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध’ लगाने की बात की गयी है. ट्यूनिश में 27 जून को हुए दोहरे आत्मघाती बम विस्फोट के बाद कड़ी सुरक्षा के चलते नकाब पर प्रतिबंध लगाया गया है. इस हमले में दो लोग मारे गये थे और अन्य सात घायल हो गये थे.

इन देशों में बुर्का पर लगा है पूर्ण प्रतिबंध

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने वर्ष 2010 में इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. उन्होंने कहा था इससे महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलेगा. फ्रांस के कानून के मुताबिक, बुर्का और नकाब पर पूरी तरह बैन लगा हुआ है और अगर कोई भी इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

चीन में पब्लिक बस में स्कार्फ पहनने की अनुमति नहीं है. जो ऐसा करते हैं, उन्हें बसों में सवारी करने की अनुमति नहीं दी जाती.

डेनमार्क ने चेहरे को ढकने वाले सभी तरह के स्कार्फ पर बैन लगा रखा है. वर्ष 2018 में इसको लेकर डेनमार्क की संसद में कानून पारित हुआ था. इस काननू के तहत डेनमार्क की पुलिस को यह अधिकार है कि अगर वह किसी महिला का चेहरा नकाब या बुर्का या किसी भी तरह से ढका हुआ देखते हैं, तो उनको फाइन कर सकते हैं. बुर्का या नकाब हटाने को भी कह सकते हैं. पहली बार नियम का उल्लंघन करने पर 1,000 डैनिश क्रोन और दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 डैनिश क्रोन फाइन देना होता है.

जर्मनी में वर्ष 2017 में सरकारी कर्मचारी, जज और सैनिकों के पूरा चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया.

श्रीलंका ने हाल में ही हुए आतंकी हमले के बाद सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह से ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

बेल्जियम में वर्ष 2011 से ही बुर्का और नकाब प्रतिबंधित हैं. इस नियम को तोड़ने की वजह से 24 अगस्त, 2016 तक 60 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा चलाया गया.

नीदरलैंड ने वर्ष 2016 में कुछ जगहों पर इसे प्रतिबंधित कर दिया. नियम के मुताबिक, स्कूल के साथ-साथ उन जगहों पर जहां पहचान के लिए चेहरा देखना जरूरी हो, वहां पर यह नियम लागू होते हैं.

कैमरून ने वर्ष 2015 में बुर्का पर तब प्रतिबंध लगाया. प्रतिबंध तब लगाया गया, जब वहां दो महिलाओं ने इस परिधान का इस्तेमाल कर आत्मघाती हमला कर 13 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था.

इटली के लोम्बार्डी में किसी भी महिला के बुर्का पहनने पर रोक है. यह रोक खासतौर पर अस्पताल और सार्वजनिक जगहों पर है.

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