मज़दूरों की पिटाई से जूट मिल के सीईओ की मौत

Updated at : 17 Jun 2014 11:34 AM (IST)
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मज़दूरों की पिटाई से जूट मिल के सीईओ की मौत

पी एम तिवारी कोलकाता से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले की एक जूट मिल में नाराज़ मज़दूरों ने रविवार को अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की पीट-पीट कर हत्या कर दी. भद्रेश्वर स्थित नॉर्थ ब्रूक जूट मिल के ग़ुस्साए मज़दूरों ने सीईओ एसके माहेश्वरी पर पहले पत्थर फेंके और फिर […]

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पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले की एक जूट मिल में नाराज़ मज़दूरों ने रविवार को अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की पीट-पीट कर हत्या कर दी.

भद्रेश्वर स्थित नॉर्थ ब्रूक जूट मिल के ग़ुस्साए मज़दूरों ने सीईओ एसके माहेश्वरी पर पहले पत्थर फेंके और फिर लोहे की छड़ों से उनकी पिटाई की. उनको गंभीर हालत में एक निजी नर्सिंग होम में दाखिल कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में पुलिस को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है. उन्होंने वित्त मंत्री अमित मित्रा को स्थिति पर नज़र रखने को कहा है.

पुलिस ने इस मामले में फ़िलहाल किसी को गिरफ़्तार नहीं किया है.

ज़्यादा मज़दूरी की मांग

हुगली के पुलिस अधीक्षक सुनील चौधरी ने कहा, ”जूट मिल के मजदूर अपनी ड्यूटी का समय बढ़ाने की मांग कर रहे थे ताकि उनको ज़्यादा मज़दूरी मिले लेकिन सीईओ ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद नाराज़ मज़दूरों ने उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी.”

राज्य की जूट मिलों में काम के घंटों के हिसाब से मज़दूरी का भुगतान किया जाता है. राज्य की ज़्यादातर जूट मिलें बदहाली की शिकार हैं. कई मिलें तो लंबे अरसे से बंद पड़ी हैं.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मज़दूरों ने सुबह माहेश्वरी से मुलाक़ात कर साप्ताहिक काम के घंटों को 25 से बढ़ा कर 40 करने की मांग की थी. इसके अलावा मज़दूरों की कुछ अन्य मांगें भी थीं.

उन्होंने कहा कि माहेश्वरी ने जब उनकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया तो मज़दूरों की नाराज़गी बढ़ गई. उन्होंने सीईओ पर हमला कर दिया. इस हमले में महाप्रबंधक और मुख्य सुरक्षा अधिकारी भी घायल हुए हैं.

राजनीतिक बयानबाज़ी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए माकपा और भाजपा के ‘गुंडों’ को ज़िम्मेदार ठहराया है. घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

ममता ने कहा, ”माकपा और भाजपा से संबद्ध यूनियनों ने सीईओ एसके माहेश्वरी पर हमला कर उनको बेतहाशा पिटाई की. अस्पताल ले जाते समय उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया.” ममता ने कहा कि उस जूट मिल में तृणमूल कांग्रेस की कोई यूनियन नहीं है.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव जीत कर केंद्र की सत्ता में आने के बाद से ही भाजपा के नेता भड़काऊ भाषण देकर आतंक फैला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बंगाल को शांति और सद्भाव के लिए जाना जाता है. सरकार आतंक फैलाने की साजिश को नाकाम करेगी.

ममता ने कहा कि क़ानून अपना काम करेगा और किसी भी मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

साजिश

वहीं मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद माकपा से संबद्ध ट्रेड यूनियन सीटू के नेता श्याम चक्रवर्ती ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस झूठे आरोपों में फंसा कर उनको जेल भेजने की साजिश रच रही है.

भाजपा नेता तथागत राय ने भी इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि राज्य में पार्टी के उभार से तृणमूल कांग्रेस डर गई है. इसलिए वह अनाप-शनाप आरोप लगा रही है.

कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने इस घटना की कड़ी निंदा की है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वित्त मंत्री मित्रा को इस स्थिति को संभालने का निर्देश दिया है. मित्रा ने माहेश्वरी के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाक़ात की.

इस घटना के बाद इलाक़े में काफ़ी तनाव है. मौक़े पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.

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