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OMG! दूसरे विश्व युद्ध के दौरान खोया बटुआ 77 साल बाद पहुंचा अपने मालिक के पास, जानें...

Updated at : 25 Aug 2018 1:27 PM (IST)
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OMG! दूसरे विश्व युद्ध के दौरान खोया बटुआ 77 साल बाद पहुंचा अपने मालिक के पास, जानें...

जब आपको कोई खोई हुई चीज दोबारा मिलती है, तो कितनी खुशी होती है न! और खोई हुई कोई ऐसी चीज अगर मिल जाये, जिसकी उम्मीद भी ना बची हो, तो जरा सोचिए कैसा लगता है? अमेरिका के जॉर्जिया में रहनेवाले रॉय रोट्स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. लगभग 77 साल पहले उन्होंने […]

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जब आपको कोई खोई हुई चीज दोबारा मिलती है, तो कितनी खुशी होती है न! और खोई हुई कोई ऐसी चीज अगर मिल जाये, जिसकी उम्मीद भी ना बची हो, तो जरा सोचिए कैसा लगता है?

अमेरिका के जॉर्जिया में रहनेवाले रॉय रोट्स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. लगभग 77 साल पहले उन्होंने जो वॉलेट (बटुआ) खो दिया था, वह अब उन्हें मिल गया है. बस यही नहीं, उस पर्स में वे सभी जरूरी कागजात भी मौजूद थे, जो उस समय वॉलेट में थे जब वह गुम हुआ था.

कहते हैं रोट्स

रॉय रोट्स अब 100 साल के हो चुके हैं, लेकिन वह वॉलेट खोने से जुड़ा वाकया, उस दिन से जुड़ी हर बात उनके दिमाग में आज भी ताजा है. अपना वॉलेट वापस पाकर रोट्स की खुशी का ठिकाना नहीं है. उस वाकये को याद करते हुए वह कहते हैं, यह सन 1941 की बात है. मैं तब कैलिफोर्निया में डगलस एयरक्राफ्टस के लिए इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर था और मेरा काम हवाई जहाज की जांच करना था. उस दिन मैं कैलिफोर्निया में था. दूसरा विश्व युद्ध छिड़ा था. हम सब एक हवाई जहाज पर सवार थे. तभी मुझे ख्याल आया कि मेरे पास मेरा बटुआ नहीं है. मैंने प्लेन पर सवार हर एक शख्स की तलाशी ली, मगर वह कहीं नहीं मिली.

अमेरिकी शख्स की वॉलेट यूरोपीय शख्स को मिली

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉय रोट्स की जेब से फिसला वॉलेट एडगर वॉरेन बर्ड्स को मिला था. मजे की बात यह है कि एक अमेरिकी नागरिक की वॉलेट यूरोपीय शख्स के हाथ लगी थी. यह करिश्मा कैसे हुआ, पता नहीं. जिस समय बर्ड्स को रोट्स का बटुआ मिला, वह इंग्लैंड के डर्बीशायर स्थित रॉयल एयरफोर्स में कार्यरत थे.

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तब क्यों नहीं लौटाया वॉलेट?

रोट्स के वॉलेट में उनकी ड्राइविंग लाइसेंस थी. ऐसे में रोट्स का वॉलेट लौटाना वॉरेन बर्ड्स के लिए मुश्किल नहीं था. वह लाइसेंस में लिखे नाम और पते पर उस वॉलेट को भेज सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. ऐसा उन्होंने किसी गलत मंशा से किया, ऐसा नहीं है. क्योंकि अगर ऐसा होता, तो वह बरसों तक उस वॉलेट को संभाल कर नहीं रखते, पैसे निकालकर उसे फेंक देते.

पोती ने लौटाया पर्स

एडगर वॉरेन बर्ड्स ने न सिर्फ उस वॉलेट को हिफाजत से रखा, बल्कि अपनी अगली दो पीढ़ियों तक उसे आगे भी बढ़ाया. वॉरेन ने वह बटुआ अपने बेटे को दिया और उनके बेटे ने वह बटुआ उनकी पोती को. वॉरेन अब इस दुनिया में नहीं हैं. आखिरकार बर्ड्स की स्काॅटलैंड में रहने वाली पोती ने इंटनेट पर राॅय के परिवार को खोजा आैर पर्स के बारे में बताया. इसके बाद बर्ड्स की पोती ने रोट्स को उनका बटुआ लौटा दिया.

वॉलेट से जुड़ी परंपरा

हालांकि, बर्ड्स ने वह बटुआ खुद क्यों नहीं लौटाया और उसे सहेजकर रखने के पीछे उनका इरादा क्या था, यह बस अब राज बनकर रह गया है. बहरहाल, राॅय इस वॉलेट से जुड़ी परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं आैर दिसंबर में अपना 101वां जन्मदिन मनाते हुए वह इस वॉलेट आैर इसकी कहानी अपने उत्तराधिकारियों को सौंप जायेंगे.

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