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विदेशी पत्रकारों की उपस्थिति में उत्तर कोरिया ने कई विस्फोट कर परमाणु परीक्षण स्थल को ध्वस्त किया

Updated at : 24 May 2018 6:36 PM (IST)
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विदेशी पत्रकारों की उपस्थिति में उत्तर कोरिया ने कई विस्फोट कर परमाणु परीक्षण स्थल को ध्वस्त किया

पंग्गी-री : उत्तर कोरिया ने विदेशी पत्रकारों की उपस्थिति में गुरुवारको अपने परमाणु परीक्षण स्थल को ध्वस्त कर दिया. परमाणु परीक्षण स्थल को ध्वस्त करने के लिए एक के बाद एक कई विस्फोट किये गये. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी प्रस्तावित शिखर वार्ता के मद्देनजर उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने परीक्षण […]

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पंग्गी-री : उत्तर कोरिया ने विदेशी पत्रकारों की उपस्थिति में गुरुवारको अपने परमाणु परीक्षण स्थल को ध्वस्त कर दिया. परमाणु परीक्षण स्थल को ध्वस्त करने के लिए एक के बाद एक कई विस्फोट किये गये.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी प्रस्तावित शिखर वार्ता के मद्देनजर उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने परीक्षण स्थल को बंद करने की घोषणा की थी. उत्तर कोरिया का पंग्गी-री परमाणु परीक्षण स्थल को बंद करने के निर्णय को किम द्वारा सम्मेलन से पहले एक सकारात्मक माहौल बनाने के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है. विदेशी मीडिया मुख्य रूप से टेलीविजन नेटवर्क को लाने से उत्तर कोरिया दुनिया को यह दिखाते हुए नजर आया कि वह परमाणु परीक्षण स्थल को बंद करने जा रहा है. इस समूह में एसोसिएटेड प्रेस टेलीविजन के सदस्य भी शामिल थे.
उत्तर कोरिया ने पुंग्गी से ही सभी छह परमाणु परीक्षणों को अंजाम दिया था. इसमें पिछले साल सितंबर में हुआ सबसे शक्तिशाली परीक्षण भी शामिल था जिसे इसने हाइड्रोजन बम बताया था. उत्तर कोरिया ने इस परीक्षण स्थल को ढहाने की बात 12 जून को किम जोंग उन और ट्रंप के बीच होनेवाली प्रस्तावित शिखर वार्ता से पहले मित्रभाव का एक संकेत प्रदर्शित करने के लिए कही है. लेकिन, दोनों ही पक्षों द्वारा इस ऐतिहासिक मुलाकात के साकार होने को लेकर शंका जतायी जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि हो सकता है प्रस्तावित शिखर वार्ता अब न हो.
ट्रंप द्वारा एकपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण का दबाव बनाने की स्थिति में उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते इससे पीछे हटने की धमकी दी थी. मंगलवार को वाशिंगटन में मून जेई इन से मिलने के बाद ट्रंप ने भी मुलाकात में देरी हो सकने की बात कही थी. विशेषज्ञ इस बात पर बंटे हुए हैं कि इस स्थल को नष्ट करने के बाद इसकी कोई उपयोगिता रह जायेगी या नहीं. इस संबंध में संदेह जाहिर करनेवाले विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थान छह सफल परमाणु परीक्षणों के साथ ही अपनी उपयोगिता से ज्यादा समय तक टिका रहा है और जरूरत पड़ने पर इसे तुरंत फिर से उपयोगी बनाया जा सकता है.
अंतरराष्ट्रीय मिजाज में आये बदलावों के चलते उत्तर कोरिया इस तरह के संकेतों को पहले कई बार पलट चुका है. असन इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटी स्टडीज के एक विश्लेष्क गो म्यूोंग ह्यून का कहना है कि दोनों पक्ष वार्ता में अपनी बात ऊपर रखने के लिए खेल खेल रहे हैं. उनका कहना है कि वार्ता नहीं होने की सूरत में भी परीक्षण स्थल को ढहाये जाने के कारण अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति उत्तर कोरिया को मिलेगी.
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