भारत-चीन तनाव: 1967 में भारत ने चीन को दिया था करारा जवाब, सिक्किम में चटायी थी धूल
भारत-चीन तनाव: 1967 में भारत ने चीन को दिया था करारा जवाब, सिक्किम में चटायी थी धूल
लद्दाख में भारत के 20 जवानों की शहादत पर देशभर में उबाल है. चीन को करारा जवाब देने की मांग उठ रही है. अगर इतिहास को देखें तो भारत-चीन के बीच 1962 के युद्ध के पांच साल बाद चीन ने चालबाजी दिखायी थी. 1967 में चीन ने सिक्किम के नाथू ला और चोला इलाके में टकराव जैसे हालात पैदा कर दिये थे. जिसमें भारतीय सेना ने चीन को करारा जवाब देते हुए उसके 340 सैनिकों को ढेर कर दिया था. हालांकि, भारत के भी 80 से ज्यादा सैनिकों की शहादत हो गयी थी.
लद्दाख में भारत के 20 जवानों की शहादत पर देशभर में उबाल है. चीन को करारा जवाब देने की मांग उठ रही है. अगर इतिहास को देखें तो भारत-चीन के बीच 1962 के युद्ध के पांच साल बाद चीन ने चालबाजी दिखायी थी. 1967 में चीन ने सिक्किम के नाथू ला और चोला इलाके में टकराव जैसे हालात पैदा कर दिये थे. जिसमें भारतीय सेना ने चीन को करारा जवाब देते हुए उसके 340 सैनिकों को ढेर कर दिया था. हालांकि, भारत के भी 80 से ज्यादा सैनिकों की शहादत हो गयी थी.
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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