कानपुर में दारोगा और सिपाही की बंधक बनाकर पिटाई, सपा ने युवती से अभद्रता का लगाया आरोप, क्या है सच्चाई?
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Dec 2022 12:07 PM
कानपुर में एक युवती दूसरे जिले के युवक के साथ चली गई थी. युवती के पिता ने थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट दर्ज होने के दारोगा गर्वित त्यागी सिपाही माधव के साथ वादी के घर बयान दर्ज कराने के लिए समन तामिल कराने को गए थे, तभी दारोगा और सिपाही को बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया.
Kanpur News: कानपुर के एक गांव में वादी पक्ष के घर समन तामील कराने गए दारोगा और सिपाही को बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया. पिटाई के दौरान दोनों की वर्दी तक फाड़ दी गई. सूचना पर पहुची पुलिस ने करीब आधे घंटे बाद दारोगा और सिपाही को मुक्त कराया है. फिलहाल, बिल्हौर पुलिस गांव में तैनात है.
दरअसल, ककवन थाना क्षेत्र के हरिपुरवा गांव का ये मामला है, जहां एक दलित परिवार की युवती दूसरे जिले के युवक के साथ चली गई थी. तीन दिसंबर को युवती के पिता ने थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बिल्हौर पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया. पुलिस का कहना है कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं, और कोर्ट में विवाह कर चुके हैं. दारोगा गर्वित त्यागी सिपाही माधव के साथ वादी के घर बयान दर्ज कराने के लिए समन तामिल कराने को गए थे.
परिजनों ने दारोगा से कहा कि घर के भीतर आकर बयान लीजिए. दारोगा ने जब विवेचना में फाइनल रिपोर्ट लगाने की बात कहकर युवती के पिता को नोटिस साइन करने के लिए दिया तो परिजन आग-बबूला हो गए, और दारोगा व सिपाही को पीटने लगे. पिटाई के दौरान दारोगा और सिपाही की वर्दी फाड़ दी, बिल्ले तक नोच डाले. इसके साथ ही मोबाइल भी छीन लिया. सिपाही ने किसी तरह वादी पक्ष के चंगुल से छूटकर चौकी प्रभारी विषधन को सूचना दी. इसके बाद आसपास के थाने का फोर्स मौके पर पहुंची.
पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड के मुताबिक, दारोगा गर्वित त्यागी ने अपना बचाव करने के लिए युवती की बड़ी बहन का सहारा लिया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में परिजन कह रहे हैं कि दारोगा ने युवती से लिपटकर उसकी बेइज्जती की है. हालांकि वीडियो में दरोगा बचाव करते हुए दिख रहे हैं. वायरल वीडियो की पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता है.
पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड का कहना है कि विवेचक पीड़िता के घर समन तामिल कराने और वादी पक्ष के बयान लेने गए थे. परिजन यह चाहते थे कि पीड़िता उन्हें सौंप दी जाए. परिजनों ने विवेचक को बंधक बनाकर सिपाही और दारोगा से मारपीट की. विवेचक ने बचाव में पीड़िता की बड़ी बहन का हाथ पकड़ लिया था. पूरे मामले की जांच एडिशनल डीसीपी लाखन सिंह को दी गई है.
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पूरे मामलें का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर बीजेपी सरकार को घेरावा किया है. साथ ट्वीट कर लिखा, ‘कानपुर पुलिस की एक और शर्मनाक करतूत! ककवन थाना क्षेत्र में सब इंस्पेक्टर युवती से कर रहा अभद्रता, जान से मारने का कर रहा प्रयास. रोज़ाना योगी सरकार की पुलिस की बर्बरता की घटनाएं आ रही सामने, मुख्यमंत्री मौन. मामले की हो जांच, आरोपी पुलिसकर्मी पर हो कार्रवाई! फिलहाल, मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
रिपोर्ट, आयुष तिवारी
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