ePaper

Rampur By Election: रामपुर में हार कर भी जीत गये आजम खां? दोनों करीबियों में से एक ने मारी बाजी

Updated at : 26 Jun 2022 3:13 PM (IST)
विज्ञापन
Rampur By Election: रामपुर में हार कर भी जीत गये आजम खां? दोनों करीबियों में से एक ने मारी बाजी

Rampur By Election Results: रामपुर लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और विधायक आजम खान को को तगड़ा झटका लगा है. बीजेपी ने आजम खान के मजबूत किले में सेंध लगाते हुए बड़ी जीत दर्ज की है.

विज्ञापन

Rampur By Election Results: रामपुर लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और विधायक आजम खान को को तगड़ा झटका लगा है. बीजेपी ने आजम खान के मजबूत किले में सेंध लगाते हुए बड़ी जीत दर्ज की है. बीजेपी प्रत्याशी घनश्याम लोधी ने समाजवादी पार्टी के आसिम रजा को 42 हजार से अधिक मतों से पराजित किया. 2014 के बाद रामपुर लोकसभा सीट पर एक बार फिर बीजेपी का कब्ज़ा हुआ है. वहीं सपा की इस हार को सीधे तौर पर आजम खान की हार भी मानी जा रही है, पर चुनाव जीतने वाले धनश्याम लोधी भी आजम खान के काफी करीबी रहे हैं.

आजम खां के करीबी रहे हैं धनश्याम लोधी

बता दें कि रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाले धनश्याम लोधी और सपा असीम रजा दोनों ही आजम खान के करीबी माने जाते हैं. भाजपा से चुनाव जीते घनश्याम सिंह लोधी किसी समय में आजम खान के राइट हैंड हुआ करते थे. उन्हें 2004 और 2016 में आजम खान ने एमएलसी बनवाया था, तो वही उनके सामने सपा से चुनाव लड़ने वाले आसिम राजा उनके हमसाया की तरह साथ रहते हैं. हालांकि, घनश्याम सिंह लोधी ने अपनी सियासी पारी बीजेपी के साथ शुरू की थी, लेकिन बसपा और कल्याण सिंह पार्टी में होते हुए 2011 में सपा का दामन थामकर आजम खां के साथ पूरी तरह से आ गए थे.

Also Read: UP: CM योगी खेलेंगे विश्वनाथन आनंद के साथ शतरंज, आगरा, कानपुर होकर लखनऊ पहुंचेगी Chess Olympiad की मशाल

रामपुर को समाजवादी पार्टी या यूं कहे आजम खां का गढ़ रहा है.आजम खान ने 1976 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से छात्र राजनीति शुरू की थी. इसके बाद 1980 में पहला विधानसभा चुनाव जनता पार्टी सेकुलर से रामपुर शहर सीट लड़कर विधायक बने थे. 1985 में लोक दल के टिकट पर, 1989 में जनता दल के टिकट पर, 1991 में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे. 1992 में सपा का दामन थाम लिया. 1993 में चुनाव जीते, लेकिन 1996 के विधानसभा चुनाव में अफरोज खान ने उन्हें हरा दिया. जिसके चलते राज्यसभा भेजा गया. इसी दौरान उनकी मुस्लिम नेता के रूप में पहचान बन गई. वह 10वीं बार विधायक हैं, तो वहीं पांच बार मंत्री रह चुके हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola