Garhwa Weather Today: गढ़वा में वज्रपात से महिला की मौत, दूसरी बची, बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका

गढ़वा जिले में बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. मझिआंव में वज्रपात की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गयी है, जबकि हरिहरपुर में बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है. बारिश से केतार में जलजमाव हो गया.
Garhwa Weather Today: गढ़वा जिले में बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. मझिआंव में वज्रपात की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गयी है, जबकि हरिहरपुर में बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है. बारिश से केतार में जलजमाव हो गया.
मझिआंव थाना क्षेत्र के बोदरा गांव निवासी स्व विनोद रजवार की 40 वर्षीय पत्नी कलमनिया कुंवर की बिजली की चपेट में आने से घटना स्थल पर मौत हो गयी. जबकी उसके साथ चल रही गांव की ही महिला रीता देवी बाल-बाल बच गयी. मृत महिला को घायल समझकर रेफरल अस्पताल लाया गया.
यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस संबंध में मुखिया प्रतिनिधि इंदल सिंह ने बताया कि दोनों महिलाएं डीलर बबीता स्वयं सहायता समूह की दुकान पर जन वितरण प्रणाली के तहत राशन लेने गयी थी.
इसी बीच रास्ते में इमलिया टिकर मैदान के पास जैसे ही पहुंची, अचानक बज्रपात हो गया. इसकी चपेट में आने से कलमनिया देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. मृतक महिला अपने पीछे इकलौते पुत्र और बहू छोड़ गयी है.
बताया गया कि शाम होने के कारण महिला का शव अंत्यपरीक्षण के लिए गढ़वा नही ले जाकर अस्पताल परिसर में ही रखा गया है. इसे सोमवार की सुबह गढ़वा सदर अस्पताल भेजा जायेगा.
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हरिहरपुर सोनतटीय इलाके में तीन दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है. इन दिनों दोपहर के बाद तेज आंधी तूफान के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है. खेतों में लगी फसल जैसे गेहूं, सरसों, अरहर व चना को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
किसान सत्राजित मिश्रा, नंद बिहारी सिंह, विनोद बिहारी द्विवेदी, अवधेश सिंह, संतोष सिंह, सुग्रीव पासवान, बसंत सिंह और अंबिका शुक्ला ने बताया कि तेज हवा से खेतों में लगी गेहूं का डंठल क्षतिग्रस्त होकर हवा में इधर-उधर बिखर गया है. जिससे उसके सूख जाने के आसार बढ़ गये हैं.
वहीं अरहर की फसल भी प्रभावित हुई है. जबकि सरसों की फसल के अलावे आम व महुआ को भी नुकसान हो रहा है. किसान नंद बिहारी सिंह ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से पहले धान की फसल प्रभावित हुई है.
अब जब गेहूं की फसल तैयार हो चली है, तो यह साइक्लोन रूपी आपदा का दंश हम किसानों को झेलना पड़ रहा है. इस समस्या का सही आकलन करते हुए सरकार को आर्थिक सहयोग करना चाहिए.
पिछले तीन दिनों से मौसम खराब है. इससे खास कर छोटे बच्चों एवं वृद्धों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. केतार व इसके आसपास रविवार की सुबह से ही कोहरा छाया रहा. वहीं नमी के कारण ठंड हवा के झोंके के साथ रविवार की शाम तेज बारिश के साथ ओले भी पड़े.
इधर, लगातार बारिश के कारण केतार बाजार की सड़कों पर पानी भर गया. जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बारिश बंद होने के बाद भी लोगों को दो फीट गहरे जलजमाव से होकर जाना पड़ रहा है.
उल्लेखनीय है कि केतार प्रखंड क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए 10वीं बोर्ड की परीक्षा का सेंटर इसी रास्ते बाजार के निकट स्थित मध्य विद्यालय में है. ऐसी स्थिति में जलजमाव से परीक्षार्थियों को भी परेशानी हो सकती है.
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