West Bengal: दूसरी महिला के नाम पर अस्पताल में भर्ती हुई गर्भवती महिला गिरफ्तार, जच्चा-बच्चा अब जेल में
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jul 2022 7:27 PM
West Bengal: महिला के साथ बच्चा को भी जेल में ही रहना पड़ेगा. महिला का नाम मौमिता पुजार है. हुगली के मगरा स्थित अपने पिता के घर रह रही थी. दो जुलाई (शनिवार) को कालना महकमा अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बाद मौमिता भर्ती हुई थी.
पश्चिम बंगाल में पूर्व बर्दवान जिला के कालना महकमा अस्पताल में दूसरी महिला के नाम पर अस्पताल में भर्ती हुई एक गर्भवती महिला ने पुत्र को जन्म दिया. इस फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आने के बाद से पुलिस ने अस्पताल की ओर से दर्ज करायी गयी शिकायत के आधार पर महिला को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. उसे कोर्ट में पेश किया गया. कालना महकमा अदालत ने महिला को 14 दिन की जेल हिरासत में भेज दिया.
महिला के साथ बच्चा को भी जेल में ही रहना पड़ेगा. महिला का नाम मौमिता पुजार है. हुगली के मगरा स्थित अपने पिता के घर रह रही थी. दो जुलाई (शनिवार) को कालना महकमा अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बाद मौमिता भर्ती हुई थी. तीन जुलाई को उसने अपने पुत्र संतान को जन्म दिया था. महिला ने अस्पताल में सुनीता यादव नामक एक अन्य महिला के नाम से भर्ती हुई थी.
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मौमिता पुजार ने पुलिस को बताया की 10 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले बृजेश कुमार के साथ उसका विवाह हुआ था. विवाह के बाद उसने तीन संतान को जन्म दिया. पति के अत्याचार और दुर्व्यवहार के कारण वह अपने तीनों संतानों को लेकर अपने मायके चली आयी थी. यहां स्थानीय कोल्ड स्टोरेज में काम करना शुरू किया था.
यहीं पर एक अन्य पुरुष राजू राय के साथ उसका शारीरिक संबंध कायम हुआ. राजू ने उक्त बच्चे को स्वीकार करने से इंकार कर दिया. इसके बाद भी मौमिता ने अपने चौथे पुत्र को जन्म देने का निश्चय किया. मौमिता के इस पुत्र के जन्म के पीछे अलग ही कहानी थी.
मौमिता अस्पताल में सुनीता यादव नामक एक महिला के नाम से अस्पताल में भर्ती हुई. उसने पुत्र संतान को जन्म दिया. मौमिता चाहती थी कि वह अपना बेटा सुनीता यादव को सौंप दे. लेकिन, मामला तब फंस गया, जब अस्पताल प्रबंधन को मौमिता पर शक हुआ. जांच-पड़ताल के बाद मौमिता ने स्वीकार किया कि सुनीता यादव नाम की महिला के नाम से अस्पताल में भर्ती हुई थी.
मौमिता ने यह भी बता दिया कि वह अपने बच्चे को सुनीता यादव को देना चाहती थी. उसके नाम से अस्पताल में भर्ती हुई, ताकि सुनीता को बाद में कोई दिक्कत न हो. मौमिता के इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शिकायत दर्ज करायी और उसके आधार पर पुलिस ने मौमिता को हिरासत में ले लिया.
जच्चा-बच्चा को जब थाना ले जाया गया, तब दोनों की हालत नाजुक थी. इसलिए दोनों को अस्पताल में ही पुलिस की निगरानी में रखा गया. जच्चा-बच्चा जब पूरी तरह स्वस्थ हो गये, तब रविवार को महिला को गिरफ्तार कर कालना महकमा अदालत में पेश किया गया. अदालत ने महिला को जेल हिरासत में भेज दिया है.
अस्पताल के सहायक अधीक्षक गौतम विश्वास ने बताया कि एक मां के पुत्र संतान के जन्म के बाद पता चला कि मां दूसरे के नाम पर अस्पताल में भर्ती हुई थी. पुलिस को इसकी सूचना दे दी गयी थी. महिला ने बताया की फिलहाल वह मेमारी में रह रही थी. अब वह अपनी संतान को किसी को भी नहीं देगी.
रिपोर्ट- मुकेश तिवारी, पानागढ़ (पश्चिम बंगाल)
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