Digital India Act: मोदी सरकार कब तक लायेगी डिजिटल इंडिया अधिनियम? IT मंत्री ने कही यह बात

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 06 Dec 2023 1:41 PM

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What Is Digital India Act - आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि डिजिटल इंडिया एक्ट (DIA) बड़ी टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के बीच किसी भी तरह के विषम संबंध को हल करेगा, ताकि इंटरनेट पर स्टार्टअप्स जो चीजें करना चाहते हैं, उनकी विकृति को रोका जा सके.

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IT Minister Rajeev Chandrasekhar on Digital India Act : एआई और डीप फेक वीडियोज के दुष्प्रभावों के चलते इस समय दुनिया परेशान है. दुनिया भर के तमाम देशों के साथ-साथ भारत भी इसे लेकर चिंतित है. इस बीच आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि डिजिटल इंडिया अधिनियम के तहत इन सभी परेशानियों को परेशानियों को शामिल किया जाएगा. आपको बता दें कि यह नया अधिनियम वर्तमान आईटी अधिनियम की जगह लेगा.

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि सरकार अगले आम चुनाव से पहले डिजिटल इंडिया अधिनियम लागू नहीं पर पाएगी, क्योंकि इसके लिए व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श करने के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इस अधिनियम को लागू करने का मकसद 23 साल पुराने आईटी अधिनियम 2000 को बदलना है.

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‘ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट 2023’ में मंत्री ने कहा कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम की नियमावली को इस महीने के अंत में विचारविमर्श के लिए पेश किया जाएगा. दिसंबर अंत या जनवरी की शुरुआत तक इनके अधिसूचित होने की उम्मीद है.

आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि डिजिटल इंडिया एक्ट (DIA) बड़ी टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स के बीच किसी भी तरह के विषम संबंध को हल करेगा, ताकि इंटरनेट पर स्टार्टअप्स जो चीजें करना चाहते हैं, उनकी विकृति को रोका जा सके.

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चंद्रशेखर ने कहा कि मौजूदा आईटी अधिनियम में इंटरनेट शब्द नहीं है. इस बात पर आम सहमति है कि इसे (पुराने अधिनियम) सुरक्षित रूप से हटाया और बदला जा सकता है. पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, उत्तराधिकारी अधिनियम को डिजिटल इंडिया अधिनियम कहा जाता है, जिस पर कार्य प्रगति पर है. हमारे पास मसौदा तैयार है और इस पर काफी काम हुआ.

मंत्री ने कहा, मुझे संदेह है कि अगले चुनाव से पहले हम इस पर कानून नहीं बना पाएंगे क्योंकि प्रधानमंत्री जिन चीजों पर जोर दे रहे हैं उनमें से एक यह है कि हमें हर डिजिटल कानून पर बड़े पैमाने पर विचार-विमर्श करने की जरूरत है. इसलिए, मुझे नहीं लगता कि हमारे पास उसके लिए पर्याप्त समय है. प्रस्तावित डिजिटल इंडिया कानून (डीआईए) में ऑनलाइन मंचों पर अधिक ध्यान दिया गया है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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