WhatsApp और SMS पर अगर आये ये मैसेज, तो भूलकर भी न करें क्लिक
McAfee रिपोर्ट में स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी गई है और 7 खतरनाक मैसेजेज को लिस्ट किया गया है, जो साइबर अपराधी उनके डिवाइस को हैक करने या पैसे चुराने के लिए एसएमएस या व्हाट्सऐप पर भेजते हैं. हम आपको बताते हैं 7 ऐसे खतरनाक मैसेजेस के बारे में, जिन पर आपको कभी भी क्लिक नहीं करना चाहिए-
Beware of WhatsApp and SMS Trap : साइबर सिक्योरिटी फर्म McAfee ने हाल ही में अपनी ग्लोबल स्कैम मैसेज स्टडी जारी की है. रिपोर्ट में स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी गई है और 7 खतरनाक मैसेजेज को लिस्ट किया गया है, जो साइबर अपराधी उनके डिवाइस को हैक करने या पैसे चुराने के लिए एसएमएस या व्हाट्सऐप पर भेजते हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 82% भारतीयों ने ऐसे फेक मैसेजेज पर क्लिक किया है या उनके झांसे में आ गए हैं. दावा है कि भारतीयों को प्रतिदिन ईमेल, टेक्स्ट या सोशल मीडिया के माध्यम से लगभग 12 फेक मैसेज या स्कैम लिंक्स प्राप्त होते हैं. हम आपको यहां बताते हैं 7 ऐसे खतरनाक मैसेजेस के बारे में, जिन पर आपको कभी भी क्लिक नहीं करना चाहिए-
आपने पुरस्कार जीता है!
यह संदेश थोड़े बदलाव के साथ भी आ सकता है, जैसे जीता गया पुरस्कार क्या है. लेकिन 99% संभावना है कि प्राप्त संदेश एक स्कैम है और इसका उद्देश्य मैसेज पानेवाले का निजी डेटा या पैसे चुराना है.
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नौकरी की फर्जी सूचनाएं या प्रस्ताव
यह एक और खतरनाक संदेश है. याद रखें, नौकरी के ऑफर कभी भी व्हाट्सऐप या एसएमएस पर नहीं आते. कोई भी पेशेवर कंपनी इन प्लैटफाॅर्मों पर आपसे कभी संपर्क नहीं करेगी, इसलिए यह निश्चित तौर पर एक घोटाला है.
यूआरएल (लिंक्स) के साथ बैंक अलर्ट मैसेज
एसएमएस या व्हाट्सऐप पर प्राप्त बैंक अलर्ट मैसेज, जिसमें यूजर्स को मैसेज में यूआरएल/लिंक के माध्यम से केवाईसी पूरा करने के लिए कहा जाता है, एक घोटाला है. उनका उद्देश्य आपका पैसा चुराना है.
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उस खरीदारी के बारे में जानकारी, जो आपने नहीं की है
किसी खरीदारी के बारे में कोई भी अपडेट जो आपने नहीं किया है वह एक घोटाला है. इस तरह के संदेश प्राप्तकर्ताओं को क्लिक करने और उनके फोन को हैक करने के लिए लुभाने के लिए लिखे जाते हैं.
नेटफ्लिक्स (या कोई और ओटीटी) सब्सक्रिप्शन से जुड़ी अपडेट
ओटीटी की लोकप्रियता बढ़ने के साथ, स्कैमर्स स्मार्टफोन यूजर्स को नेटफ्लिक्स या अन्य ओटीटी सब्सक्रिप्शन के आसपास मैसेजिंग के जरिये लुभाने की कोशिश करते हैं. ये मुफ्त ऑफर या सब्सक्रिप्शन समाप्त होने पर तत्काल मैसेज हो सकते हैं.
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मिस्ड डिलीवरी या डिलीवरी की फेक नोटिफिकेशन
मिस्ड डिलीवरी या अन्य डिलीवरी समस्याओं के बारे में एसएमएस या व्हाट्सऐप सूचनाएं भी खतरनाक हैं. यह तब भी हो सकता है जब आपने खरीदारी कर ली हो.
अमेजन सेक्योरिटी अलर्ट, या अकाउंट अपडेट के बारे में नोटिफिकेशन
अमेजन सेक्योरिटी अलर्ट, या आपके अकाउंट में किसी भी अपडेट के बारे में नोटिफिकेशन मैसेज भी ट्रैप है. ध्यान रखें कि अमेजन या कोई भी ईकॉमर्स कंपनी ऐसे महत्वपूर्ण अलर्ट कभी भी आपको एसएमएस या व्हाट्सऐप पर नहीं देगी.
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लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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