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बंगाल : साकेत गोखले के मुद्दे पर तृणमूल सांसदों की टीम पहुंची चुनाव आयोग

Updated at : 12 Dec 2022 5:24 PM (IST)
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बंगाल : साकेत गोखले के मुद्दे पर तृणमूल सांसदों की टीम पहुंची चुनाव आयोग

पश्चिम बंगाल में तृणमूल प्रवक्ता साकेत गोखले की गिरफ्तारी को लेकर इन दिनों राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है.प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बिना विचार किये साकेत गोखले को गिरफ्तार किया गया, जबकि अभिनेता परेश रावल और असम के सीएम बिस्वा शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.

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पश्चिम बंगाल में तृणमूल प्रवक्ता साकेत गोखले की गिरफ्तारी को लेकर इन दिनों राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है. वहीं गुजरात पुलिस ने चुनाव के दौरान टीएमसी के प्रवक्ता साकेत गोखले को क्यों गिरफ्तार किया? इसे लेकर तृणमूल संसदीय दल ने आयोग का दरवाजा खटखटाया. तृणमूल के छह सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय पहुंचे. प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बिना विचार किये साकेत गोखले को गिरफ्तार किया गया, जबकि अभिनेता परेश रावल और असम के सीएम बिस्वा शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.

साकेत की गिरफ्तारी के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया 

मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय से निकलने के बाद सौगत राय ने बताया कि हमने साकेत गोखले की गिरफ्तारी के खिलाफ में एक ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि साकेत हृदय रोग का मरीज है. इन सब पर विचार किए बिना उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उस समय राज्य की कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी. एक बार अहमदाबाद में और दूसरी बार मोरबी में गिरफ्तार किया गया. और यह स्पष्ट हो गया है कि उसे बदले के उद्देश्य से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन आयोग के अधीन पुलिस ऐसा कैसे कर सकती है? ऐसे में आयोग को इसके खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है.

साकेत का आरोप मेरे खिलाफ की गई थी साजिश 

साकेत गोखले का कहना है कि किसी और द्वारा किए गए ट्वीट को साझा करने के लिए मेरे खिलाफ तुच्छ मामला दर्ज किया गया था. उन्होंने कहा कि मजे की बात यह है कि पुलिस के पास कोई सुराग नहीं है कि वह व्यक्ति कौन है. गोखले ने फिर से मोरबी पुल के ढहने का मुद्दा उठाया और कहा कि खराब पुल बनाने वाली ओरेवा कंपनी के मालिकों को एफआईआर में नामजद तक नहीं किया गया है, गिरफ्तार करना तो दूर की बात है. उद्देश्य मुझे निशाना बनाने का तरीका खोजना था, मुझे जेल में डाल देना था और मुझे वहां रखना था.

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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