Lok Sabha Chunav 2024: पश्चिम बंगाल की सभी 42 लोस सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में तृणमूल कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच दूरियां लगातार बढ़ती दिख रही हैं. जहां एक ओर राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन करने या शामिल होने के संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है. इस बीच, सीट बंटवारे को लेकर भी दोनों पार्टियों के बीच तकरार बढ़ रही है.
Lok Sabha Election 2024|पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शुक्रवार को अपने पार्टी नेताओं से राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया. शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित आवास पर मुर्शिदाबाद जिले के सांसदों, विधायकों व अन्य नेताओं के साथ बैठक की. तृणमूल कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी कोई फैक्टर नहीं हैं और उन्होंने संकेत दिया कि तृणमूल कांग्रेस लोकसभा चुनाव में बहरमपुर और मालदा दक्षिण में उम्मीदवार खड़ा कर सकती है.
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में पार्टी की स्थिति काफी बेहतर है. यहां की 22 विधानसभा सीटों में से 20 पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है. इसलिए उन्होंने जिले के तीनों लोकसभा सीटों को जीतने का आह्वान किया है. बैठक के बाद एक पार्टी नेता ने कहा कि बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने कहा है कि मुर्शिदाबाद की सभी तीन सीटों पर तृणमूल को जीत हासिल करनी होगी. उन्होंने कहा कि सभी मिल कर लोकसभा चुनाव की तैयारी करें, अधीर रंजन चौधरी कोई फैक्टर नहीं हैं. साथ ही मुख्यमंत्री ने जिले दो सांसद अबू ताहेर खान व खलीलुर रहमान द्वारा किये जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की.
Also Read: कौन हैं आशा लकड़ा, जिन्हें पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव को लेकर इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी में किया गया है शामिल
तृणमूल सुप्रीमो ने स्पष्ट कर दिया कि वह ब्लॉक नेताओं के साथ विधायक व जिला संगठन के नेताओं के बीच विवाद की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. इस बारे में खबर मिलते ही कार्रवाई की जायेगी. साथ ही मुख्यमंत्री ने विधायक हुमायूं कबीर को भी चेतावनी देते हुए कहा कि आज कल आप मीडिया के सामने कुछ ज्यादा बात कर रहे हैं, थोड़ा कम बोलिये, तो बेहतर होगा.
राज्य में इंडिया गठबंधन के घटक दल तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच दूरियां लगातार बढ़ती दिख रही हैं. जहां एक ओर राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन करने या शामिल होने के संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है. इस बीच, सीट बंटवारे को लेकर भी दोनों पार्टियों के बीच तकरार बढ़ रही है. तृणमूल सुप्रीमो ने राज्य की सभी 42 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने का संकेत दिया है. अगर तृणमूल यह फैसला लेती है, तो बंगाल में इंडिया गठबंधन टूटना लगभग तय है. गौरतलब है कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल ने अभी तक कांग्रेस को साल 2019 के लोकसभा में कांग्रेस की जीती दो सीटें बहरामपुर और मालदा दक्षिण देने की पेशकश कर रही थी, लेकिन कांग्रेस इस पर राजी नहीं है. बता दें कि तृणमूल ने पहले ही इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दल माकपा के लिए सीट छोड़ने से इनकार कर दिया था. बंगाल में माकपा और तृणमूल के बीच पहले से ही लड़ाई तय है. शुक्रवार को ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मुर्शिदाबाद के तृणमूल नेताओं के साथ बैठक की.
Also Read: पश्चिम बंगाल :अग्निमित्रा पॉल ने कहा,ममता बनर्जी में अगर हिम्मत हो तो वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ लड़े चुनाव
इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने जिला के पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौन सोशल मीडिया पर क्या लिख रहा है, पार्टी की इस पर पूरी नजर है. इसलिए सोशल मीडिया पर कोई भी ऐसी बयानबाजी न करें, जिससे पार्टी को नुकसान हो. अगर ऐसा होता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इस मौके पर श्री बनर्जी ने जिले के सभी नेताओं को एकजुट होकर लोकसभा चुनाव की तैयारी करने का आह्वान किया. वहीं, डोमकल से विधायक बायरन विश्वास से अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आप जब कांग्रेस में थे, तो केंद्रीय एजेंसी आपके यहां नहीं गयी थी. लेकिन तृणमूल कांग्रेस में शामिल होते ही केंद्रीय एजेंसी पहुंच गयी. यह दर्शाता है कि यहां राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है.
Also Read: 2024 के लोकसभा चुनाव में दिखेगी विपक्षी एकता! पश्चिम बंगाल, यूपी-पंजाब में हैं कई चुनौतियां
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




