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‘फेंक जहां तक भाला जाए’, नीरज चोपड़ा पर फिट बैठती हैं महाराणा प्रताप के ऊपर कही गई ये पंक्तियां

भाला की जब बात आती है तो हमारे जहन में सबसे पहली छवि हमारे शूरवीर योद्धा महाराणा प्रताप की बनती है. हम सभी जानते हैं वो सबसे भारी भाला का प्रयोग युद्ध के दौरान करते थें.हल्दी घाटी के युद्ध में उन्होंने अकबर के सेना के विरुद्ध 81 किलो का भाला का प्रयोग किया था.

भाला की जब बात आती है तो हमारे जहन में सबसे पहली छवि हमारे शूरवीर योद्धा महाराणा प्रताप की बनती है. हम सभी जानते हैं वो सबसे भारी भाला का प्रयोग युद्ध के दौरान करते थे. 18 जून 1576 में हल्दी घाटी के युद्ध में उन्होंने अकबर के सेना के विरुद्ध 81 किलो के भाला का प्रयोग किया था. उनके ऊपर कही गई प्रसिद्ध पंक्ति “द्वंद कहां तक पाला जाए, युद्ध कहां तक टाला जाए, राणा का तू वंशज है फेक जहां तक भाला जाए और दोनों तरफ लिखा हो भारत सिक्का वहीं उछाला जाए” नीरज चोपड़ा पर एकदम फिट बैठती है. आपको बता दें कि ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने रविवार को बुडापेस्ट में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर एक और नई उपलब्धि अपने नाम कर लिया. वह विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय भी बने, उन्होंने फाइनल में पुरुषों की भाला फेंक खेल में 88.17 मीटर के प्रयास के साथ पाकिस्तान के अरशद नदीम को पछाड़ दिया. 2021 में आयोजित की गई टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता नीरज की मां ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा था कि बचपन में नीरज झाड़ू के तिनके से खेला करता था तब मैं उसे फटकारती थी मगर अब भाला फेक कर वो देश का नाम ऊंचा कर रहा है तो बहुत बेहतर महसूस करती हूं उसको गौरव के छन को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती हूं.

चलिए जानते हैं उनके शुरुआती दिनों से अभी तक के सारे खिताबों के बारे में

2016 में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में गोल्ड

नीरज ने 2016 में आयोजित किये गए अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप खिताब में भाग लिया. ये विश्व चैंपियनशिप नीरज के जीवन का पहला खिताबी मैच था जिसमें नीरज ने शानदार प्रदर्शन किया और अपने जीवन का पहला गोल्ड मेडल से प्रसिद्धि हासिल की.नीरज ने उस खेताबी मैच में 86.48 मीटर तक भाला फेका जो की जिगिस्मंड्स सिरमाइस द्वारा निर्धारित 84.69 मीटर के निशान को हराकर नया अंडर -20 विश्व रिकॉर्ड भी बना.

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2018 में आयोजित सीडब्ल्यूजी में गोल्ड

2018 में आयोजित की गई कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज ने स्वर्ण पदक को अपने नाम किया. वह सीडब्ल्यूजी में भाला फेको खेल में पदक पाने वाले पहले भारतिय बनें. उनके इस प्रयास ने उन दिनों राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया.साथ ही साथ वह मिल्खा सिंह (1958), कृष्णा पूनिया (2010) और विकास गौड़ा (2014) के बाद खेलों में एथलेटिक्स खिताब जीतने वाले चौथे भारतीय बने.

2018 में जकार्ता में आयोजित एशियाई खेलों में स्वर्ण

नीरज 88.06 मीटर के प्रयास के साथ जकार्ता में 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी बने. उनके इस प्रयास ने उस समय राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया. नीरज से पहले, गुरतेज सिंह देश के एकमात्र पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी थे जिन्होंने 1982 में नई दिल्ली में एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था.

टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण

नीरज के करियर में लुभावनी पल 2021 में टोक्यो में आयोजित ओलंपिक गेम्स के दौरान आया जब वह ओलंपिक के इतिहास में भारत के लिए केवल दूसरे स्वर्ण पदक विजेता बने.नीरज की महान उपलब्धि तब सामने आई जब उनका दूसरा थ्रो 87.58 मीटर की दूरी तक पहुंच गया, जिससे वह टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक के साथ सफलता के शिखर पर पहुंच गए.इस ऐतिहासिक जीत ने नीरज को ओलंपिक में पदक जीतने वाला पहला भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट बना दिया.

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2022 में लॉज़ेन डायमंड लीग मीट जीती,

नीरज ने डायमंड लीग मीट के पहले भारतीय विजेता बनकर एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की. यह जीत 2022 में लॉज़ेन में हुई, जहां विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स के मैदान से चूकने के बावजूद, नीरज का दबदबा चमक गया.एक आत्मविश्वासपूर्ण शुरुआती प्रयास के साथ,नीरज ने 89.08 मीटर की लंबी दूरी तक भाला फेंका. इस प्रदर्शन ने श्रृंखला में अंतिम पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा को भी चिह्नित किया. नीरज के असाधारण प्रदर्शन ने न केवल डायमंड लीग फाइनल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया, बल्कि उन्हें 2023 में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए योग्यता उम्मीदवार घोषित कर दिया गया.

सितंबर 2022 में ज्यूरिख फाइनल डायमंड लीग चैंपियन का ताज

नीरज ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, ज्यूरिख डायमंड लीग 2022 फाइनल के बाद डायमंड लीग ट्रॉफी हासिल करने वाले पहले भारतीय एथलीट के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत किया.भारतीय दिग्गज ने 88.44 मीटर की दूरी तय करते हुए शानदार थ्रो किया, जिससे उन्हें टोक्यो 2020 के रजत पदक विजेता और मौजूदा 2016 चैंपियन जैकब वडलेज पर जीत मिली. जर्मनी के जूलियन वेबर ने 83.73 मीटर थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया.

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप, ओरेगॉन 2022 में रजत पदक

नीरज की विरासत आगे बढ़ती रही क्योंकि स्टार भाला फेंक खिलाड़ी ने अमेरिका के ओरेगॉन में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया.उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 88.39 मीटर के प्रयास के साथ फाइनल में जगह बनाई, लेकिन मेडल राउंड में 88.13 मीटर के उनके सर्वश्रेष्ठ थ्रो से उन्हें रजत पदक मिला.नीरज विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले इतिहास के पहले भारतीय भी बने. उनके प्रयास से भारत ने 19 वर्षों में अपना पहला पदक जीता, और इतिहास में केवल दूसरा पदक जीता. पिछला पदक लंबी कूद एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने हासिल किया था, जिन्होंने पेरिस में 2003 में कांस्य पदक जीता था.

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