History Of Google: 25 साल पहले Backrub से ऐसे बना था गूगल, जानिए पूरी बात

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History Of Google: 25 साल पहले Backrub से ऐसे बना था गूगल, जानिए पूरी बात

Google Turns 25 |सर्च इंजन गूगल की शुरुआत करनेवाले लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन का गूगल को बनाने का मकसद विश्वभर की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था. आज लगभग पूरी दुनिया की जानकारी गूगल पर मिल जाती है. वर्तमान में गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है. गूगल में आज लोग 100 से अधिक भाषाओं में सर्च कर सकते हैं

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Happy Birthday Google : दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल (Search Engine Google) 27 सितंबर, दिन बुधवार को अपना 25वां जन्मदिन (Google 25th Birthday) मना रहा है. जैसा कि हर बड़े मौके पर गूगल करता है, गूगल अपने जन्मदिन (Google Birthday) के अवसर पर अपनी यादों को शानदार बनाने के लिए अपने होम पेज पर गूगल डूडल (Google Doodle) काे जगह देता है. आप भी गूगल सर्च और इसकी अन्य सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके भी मन में यह बात जरूर आती होगी कि विश्वभर में इस्तेमाल होनेवाला गूगल सर्च इंजन कैसे बना और इसे किसने बनाया? चलिए आपको बताते हैं-

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सर्च इंजन गूगल की शुरुआत लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने साल 1996 में एक रिसर्च प्रोजेक्ट के दौरान की थी. उस समय लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे थे. गूगल के जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं गूगल की शुरुआत से जुड़ी कुछ खास बातें, जो शायद नहीं जानते होंगे आप. दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल को आज से 25 साल पहले लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने शुरू किया था. दोनों दोस्त स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे थे. शुरुआत में लैरी और सर्जेई ने Google.stanford.edu एड्रेस पर BackRub के नाम से एक इंटरनेट सर्च इंजन बनाया. बाद में इसका नाम बदलकर गूगल कर दिया गया.

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15 सितंबर 1995 को Google.com डोमेन का रजिस्ट्रेशन किया गया था. जबकि गूगल, एक कंपनी के तौर पर चार सितंबर 1998 को रजिस्टर की गई थी. गूगल वर्तमान में 150 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है. पहले गूगल का जन्मदिन अलग-अलग तारीखों को मनाया जाता था. सबसे पहले गूगल ने अपना जन्मदिन 7 सितंबर को मनाया था. उसके बाद 8 सितंबर और 26 सितंबर को गूगल का जन्मदिन मनाया गया था. चूंकि 27 सितंबर को कंपनी ने अपने सर्च इंजन पर रिकॉर्ड नंबर पेज सर्च किया गया. इसके बाद से अब तक इसी दिन कंपनी अपना जन्मदिन मनाती है.

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सर्च इंजन गूगल की स्थापना साल 1998 में कैलिफॉर्निया की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी क�� दो छात्र लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने की थी. लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने गूगल के ऑफिशियली लॉन्च करने से पहले इसका नाम Backrub रखा था. रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस समय गूगल की शुरुआत की गई थी उस समय वर्ल्ड वाइड वेब (www) पर लगभग 25 मिलियन पेज थे. उस समय गूगल पर कुछ भी सर्च करने पर 25 मिलियन पेज की जानकारी प्राप्त हो जाती थी. उस समय गूगल का एल्गोरिदम (Algorithm) बेहतरीन था.

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सर्च इंजन गूगल की शुरुआत करनेवाले लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन का गूगल को बनाने का मकसद विश्वभर की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था. आज लगभग पूरी दुनिया की जानकारी गूगल पर मिल जाती है. Google का नाम भी खास है, क्योंकि यह 10100 या googol के लिए कॉमन स्पेलिंग है. वर्तमान में गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है. गूगल में आज लोग 100 से अधिक भाषाओं में सर्च कर सकते हैं. भारत में भी गूगल ने अपने आपको स्थानीय स्तर पर तैयार किया है और इसमें कई भाषाओं को जोड़ा है. आज आप गूगल लैपटॉप और कंप्यूटर, मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं. गूगल कंपनी ऑपरेटिंग सिस्टम से लेकर मोबाइल डिवाइस तक बनाती है.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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