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कोरोना वायरस से नहीं, केरल के तिरुवनंतपुरम में भूख से मर जायेंगे बंगाल के हजारों लोग!

Updated at : 25 Mar 2020 2:26 PM (IST)
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कोरोना वायरस से नहीं, केरल के तिरुवनंतपुरम में भूख से मर जायेंगे बंगाल के हजारों लोग!

starvation will kill thousands of bengalis in thiruvananthapuram of kerala not coronavirus! कोलकाता : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल, 2020 तक लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है. केरल के तिरुवनंतपुरम में पश्चिम बंगाल के हजारों लोग फंसे हुए हैं. इन्हें भोजन नहीं मिल रहा. इन्हें लगता है कि जानलेवा कोरोना वायरस से नहीं, ये लोग भूख से ही मर जायेंगे.

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कोलकाता : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल, 2020 तक लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है. केरल के तिरुवनंतपुरम में पश्चिम बंगाल के हजारों लोग फंसे हुए हैं. इन्हें भोजन नहीं मिल रहा. इन्हें लगता है कि जानलेवा कोरोना वायरस से नहीं, ये लोग भूख से ही मर जायेंगे.

कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से घोषित लॉकडाउन के बाद विभिन्न राज्यों के लोग अलग-अलग क्षेत्रों में फंसे गये हैं. केरल से एक वीडियो सामने आया है. यहां के तिरुवनंतपुरम से बंगाली समुदाय के सैकड़ों लोगों ने वीडियो बनाया है, जिसमें वे दावा कर रहे हैं कि उनके पास रहने और खाने की व्यवस्था नहीं है. भूखे रह रहे हैं.

लोगों ने देश और राज्य की सरकारों से अपील की है कि इनके घर लौटने की व्यवस्था करायी जाये. बताया गया है कि ये सारे लोग तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में रुके हुए हैं. घर लौटने की व्यवस्था करने अथवा रहने-खाने की व्यवस्था करने की मांग पर इन लोगों ने‌ रैली निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर मारपीट कर उन्हें वापस मंदिर में खदेड़ दिया.

वीडियो जारी करने वाला शख्स यह कहते हुए सुना जा रहा है कि इनके पास रहने के लिए जगह नहीं है, खाने के लिए भोजन नहीं है. यहां तक कि पीने के लिए पानी भी नहीं है. लोगों के पास रुपये खत्म हो गये हैं. अब ये सभी लोग अपने-अपने घर लौटना चाहते हैं, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं है. बाहर निकलने पर पुलिस इनके साथ मारपीट कर रही है.

वीडियो में एक-दूसरे का परिचय करा रहे लोग अपने आपको मालदा, मुर्शिदाबाद जिलों के निवासी बता रहे हैं. मुर्शिदाबाद के सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इसका संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा है कि वह स्थानीय सांसद से बातचीत करके हालात को संभालने की कोशिश कर रहे हैं.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने इसके साथ ही कहा है कि राज्य और केंद्र की सरकारों को इन लोगों के लिए पुख्ता व्यवस्था करना चाहिए. श्री चौधरी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरे देश को एक परिवार की तरह व्यवहार करना होगा. कोरोना को हराने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है, लेकिन सरकारों को व्यवस्था करनी चाहिए कि कोई भूख से न मरे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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