पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा से मैं बहुत दुखी हूं बोले शोभनदेव, कहा ममता बनर्जी से करुंगा बात

Updated at : 12 Jul 2023 3:08 PM (IST)
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पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा से मैं बहुत दुखी हूं बोले शोभनदेव, कहा ममता बनर्जी से करुंगा बात

पश्चिम बंगाल के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय का मानना है कि बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान इतनी हिंसा नहीं होनी चाहिए. हिंसा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलकर बात करुंगा.

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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की घोषणा से लेकर मतगणना के दौरान तक लगातार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. इस संदर्भ में शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘मैं हिंसा के सख्त खिलाफ हूं. मैंने भी पंचायत को वोट करवाया है,लेकिन धांधली नहीं होने दी. बंगाल में हिंसा बहुत अधिक बढ़ गई है. वरिष्ठ नेता का कहना है कि बाहुबल के बजाय जनसमर्थन को महत्व देने की जरुरत है . शोभनदेव ने कहा चुनाव लोगों के फैसले से जीतना जरुरी है. बलपूर्वक जीतने का क्या फायदा ? यह अनिश्चित काल तक जारी नहीं रह सकता.

पंचायत हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से करुंगा बात

मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय का मानना है कि बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान इतनी हिंसा नहीं होनी चाहिए. हिंसा की घटनाओं को शून्य क्यों नहीं कर सकता ? किसी की भी मृत्यु दुखदायी है. केवल मृतक का परिवार ही जानता है कि यह कितना कष्टकर होता है. हिंसा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलकर बात करुंगा.ताकि बंगाल में लगातार जारी हिंसा पर लगाम लगाया जा सकें . गौरतलब है कि पंचायत चुनाव में लगातार जारी हिंसा में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं कई घायल भी है.

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पंचायत चुनाव में हिंसा के लिए तमाम राजनीतिक दल हैं जिम्मेदार : हुूमायूं

पंचायत चुनाव के तहत हुए मतदान के दौरान विभिन्न जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं. मतदान के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर डेबरा के विधायक, तृणमूल कांग्रेस के नेता व पूर्व आइपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर ने रोष जताते हुए आरोप लगाया कि इसके लिए यहां के तमाम राजनीतिक दल ही जिम्मेदार हैं. पश्चिम बंगाल का एक निवासी होने के नाते मैं शर्मिंदा हूं. हैरान हूं, मेरा सिर शर्म से झुक गया है. ऐसा कब तक चलता रहेगा. युग दर युग बीतते जा रहे हैं, लेकिन हम (बंगाल के लोग) इसे बदल नहीं सकते? हिंसा की घटनाओं से क्षुब्ध हूं. पंचायत चुनाव में हालात को संभालने में चुनाव आयोग, प्रशासन और तमाम राजनीतिक दल विफल रहे हैं.

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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