Dengue in Bengal : दक्षिण कोलकाता में डेंगू का प्रकोप, 80 फीसदी लोग आ चुके हैं चपेट में

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Oct 2022 11:19 AM

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पश्चिम बंगाल के कोलकाता समेत राज्यभर में डेंगू का प्रकोप जारी है. वहीं, चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण कोलकाता में हुई बारिश से डेंगू के मामले और बढ़ गये हैं. दीपावली के बाद एक बार फिर राज्य में डेंगू के मामलों में उछाल आया है.

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पश्चिम बंगाल के कोलकाता समेत राज्यभर में डेंगू का प्रकोप जारी है. वहीं, चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण कोलकाता में हुई बारिश से डेंगू के मामले और बढ़ गये हैं. दीपावली के बाद एक बार फिर राज्य में डेंगू के मामलों में उछाल आया है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के सुझाव पर कोलकाता नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधीन वेक्टर कंट्रोल डिपार्टमेंट की ओर से डेंगू को लेकर एक सर्वे किया गया है. सर्वे के अनुसार, डेंगू फैलानेवाले मच्छर उत्तर कोलकाता की तुलना में दक्षिण कोलकाता में अधिक पनप रहे हैं. डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए दक्षिण कोलकाता में उपयुक्त माहौल है.

दक्षिण कोलकाता से डेंगू के 80 फीसदी मामले आये सामने

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से अक्तूबर मध्य तक केवल दक्षिण कोलकाता से डेंगू के 80 फीसदी मामले सामने आये हैं. इसी अवधी में उत्तर कोलकाता में मात्र 21 फीसदी लोग डेंगू की चपेट में आये हैं. निगम के आठ से लेकर 14 बोरो दक्षिण कोलकाता में पड़ते हैं. उक्त बोरो से डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोलकाता में अब तक 4000 से अधिक लोग डेंगू के शिकार हो चुके हैं, जबकि 14 लोगों की मौत हुई है. राज्य में लगभग 40 हजार लोग डेंगू की चपेट में आये हैं और करीब 33 लोगों की जान गयी है.

इन कारणों से फैल रहा डेंगू

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार खुले नाले, खाली जमीन, कुएं और तालाबों के कारण डेंगू फैल रहा है. दक्षिण कोलकाता में खाली जमीन, खुले नाले तालाब और कुओं की संख्या अधिक है. जिसके कारण यहां डेंगू के अधिक मामले सामने आ रहे हैं. रिपोर्ट में तालाब , खाली जमीन, कुआं की संख्या का भी जिक्र किया गया है. बता दें कि कोलकाता नगर निगम अधीन कुल 16 बोरो हैं. एक से लेकर 15 बोरो में 11813 कुएं, 12751 खुले नाले (ओपेन ड्रेन) , 1923 तालाब, 4528निर्माणाधीन इमारते और 5029 खुली जमीनें है. दक्षिण कोलकाता के बोरो आठ से 14 में कुल 88 फीसदी खुले नाले, 77.5 फीसदी तालाब, 63 प्रतिशत निर्माणाधीन इमारतें, 85 कुएं और 88 फीसदी खाली जमीन है. इन जगहों पर ही डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा पनप रहा है. इस वजह से दक्षिण कोलकाता डेंगू के मामले में टॉप पर है.

24 से 26 अक्तूबर के बीच इतने हुए संक्रमित

राज्य में 24 अक्तूबर यानी दिवाली के दिन कुल 823 लोग डेंगू की चपेट में आये थे. 25 को 877 और 26 अक्तूबर को कुल 974 मामले सामने आये हैं.

15 नवंबर से कम होने लगेगा डेंगू का प्रकोप

कोलकाता में डेंगू का प्रकोप 15 नवंबर से कम होने लगेगा. तापमान में गिरावट आने से डेंगू मच्छर का पनपना कम हो जायेगा. इस वर्ष कोलकाता ही नहीं सिंगापुर में भी डेंगू का प्रकोप देखा गया है. कोलकाता में डेंगू की रोकथाम के लिए निगम लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है. लेकिन लोगों में कोविड की तरह डेंगू को लेकर सतर्कता नहीं दिख रही. इस कारण ही डेंगू के मामलों पर नियंत्रण नहीं किया जा पा रहा है.

कोलकाता के डेंगू प्रभावित इलाक

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोलकाता के 25 वार्ड डेंगू प्रभावित है. इनमें 17 से 18 वार्ड ऐसे हैं, जहां से डेंगू के अधिकांश मामले सामने आ रहे हैं. तीन, पांच, छह, 106 और 107 नंबर वार्ड भी डेंगू प्रभावित हैं. बोरो 10 और 12 से भी डेंगू के अधिक मामले सामने आ रहे हैं.

रिपोर्ट : शिव कुमार राउत

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