Republic Day 2024: गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने में होता है क्या अंतर, जानिए यहां
Published by : Shaurya Punj Updated At : 24 Jan 2024 5:21 PM
Republic Day 2024, difference between flag unfurling and flag hoisting in 26 January: 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू किया गया था, वहीं 15 अगस्त का दिन आजादी के नाम पर समर्पित किया गया है क्योंकि इसी दिन भारत को गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली थी.
Republic Day 2024, difference between flag unfurling and flag hoisting in 26 January: 26 जनवरी को होनेवाले गणतंत्र दिवस और 15 अगस्त को होनेवाले स्वतंत्रता दिवस को लेकर कई लोगों में काफी कंफ्यूजन रहता है. आपको बता दें गणतंत्र दिवस (Republic Day) 26 जनवरी को मनाया जाता है. 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू किया गया था, वहीं 15 अगस्त का दिन आजादी के नाम पर समर्पित किया गया है क्योंकि इसी दिन भारत को गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली थी. हम बताते हैं इन दोनों दिवसों के बीच के अंतर के बारे में खास बातें…
ध्वजारोहण और झंडा फहराना
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस (Republic Day) वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है. उसे केवल फहराया जाता है. यही वजह है कि उसे ध्वजारोहण नहीं बल्कि झंडा फहराना (Flag Unfurling) कहते हैं. वहीं 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस (Indipendence Day) को राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है. दरअसल जिस दिन भारत को आजादी मिली थी, उस दिन ब्रिटिश गवर्नमेंट ने अपना झंडा उतारकर भारत के तिरंगे को ऊपर चढ़ाया था, इसलिए हर साल 15 अगस्त को तिरंगा ऊपर खींचा जाता है इसके बाद फहराया जाता है. इस प्रक्रिया को ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहते हैं.
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण और झंडा फहराना में अंतर
स्वतंत्रता दिवस के दिन लालकिले से ध्वजारोहण किया जाता है. जबकि गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर झंडा फहराया जाता है.
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति
गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य कार्यक्रम में देश के राष्ट्रपति तिरंगा फहराकर नमन करते हैं. वहीं, 15 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण करते हैं.
26 जनवरी को ही राष्ट्रपति क्यों फहराते हैं ध्वज?
प्रधानमंत्री देश के राजनीतिक प्रमुख होते हैं जबकि राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख. देश का संविधान 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू हुआ. उससे पहले न देश में संविधान था और न राष्ट्रपति. इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं.
74वां या 75वां गणतंत्र दिवस
आजाद भारत का इस साल 75वां गणतंत्र दिवस होगा. आप अब भी कंफ्यूज हैं तो आइए समझते हैं इसके पीछे की गणित. चूंकि पहली बार 26 जनवरी 1950 को देश के संविधान लागूं होने पर पहला गणतंत्र दिवस था. तकनीकी रूप से ये दिन देश का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को था. इसके बाद 26 जनवरी 1951 और भारत का दूसरा गणतंत्र दिवस और गणतंत्र की पहली वर्षगांठ होगी.
भारत में पहली बार गणतंत्र दिवस कहां मनाया गया था
भारत में पहली बार गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को दिल्ली के पुराने किले के सामने स्थित इरविन स्टेडियम में मनाया गया था. जहां आज दिल्ली का चिड़ियाघर बना हुआ है. जी हां आपने सही सुना. साल 1950 में इरविन स्टेडियम में गणतंत्र दिवस की परेड निकाली गई थी. बताया जाता है कि इस परेड में तीन हजार सैन्यकर्मियों और करीब 100 से अधिक एयरक्राफ्ट ने भाग लिया था.
क्या है गणतंत्र दिवस 2024 की थीम?
इस साल गणतंत्र दिवस परेड की थीम “भारत-लोकतंत्र की जननी” और “विकसित भारत” है. फिलहाल बताते चलें कि देशभर में गणतंत्र दिवस की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं.
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By Shaurya Punj
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