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वाराणसी: राम मंदिर थीम वाली बनारसी साड़ियों का विदेशों में भी बढ़ी डिमांड, जानें इसकी खासियत

Updated at : 12 Jan 2024 1:58 PM (IST)
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वाराणसी: राम मंदिर थीम वाली बनारसी साड़ियों का विदेशों में भी बढ़ी डिमांड, जानें इसकी खासियत

अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है. ऐसे राम मंदिर थीम पर बनी बनारसी साड़ियों का देश के साथ ही अब विदेशों में भी डिमांड हो रही है. खास उचंत बुनकरी की कला से तैयार ये साड़ियां इटली और सिंगापुर भेजी जा रही हैं.

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अयोध्या में प्रभु श्रीराम का प्राण प्रतिष्ठा की तारीख निर्धारित होते ही पूरे देश का माहौल राममय हो गया है. इसी क्रम में लोग अलग-अलग तरीके से इस ऐतिहासिक पल को मना रहे हैं. राम मंदिर थीम पर बनी बनारसी साड़ियों का देश के साथ ही अब विदेशों में भी डिमांड हो रही है. खास उचंत बुनकरी की कला से तैयार ये साड़ियां इटली और सिंगापुर भेजी जा रही हैं. अब जब अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है, तब इन साड़ियों की मांग और बढ़ने की उम्मीद है. लोहता कोरौता निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव खास उचंत बुनकरी कला से ये बनारसी साड़ियां तैयार कर रहे हैं. सर्वेश के मुताबिक मौजूदा समय में इन साड़ियों की मांग बढ़ गई है. इटली, सिंगापुर के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, बंगलूरू और चेन्नई से खास ऑर्डर मिले हैं. हाल ही में उन्होंने राम मंदिर डिजाइन वाली साड़ी इटली भेजी है. इस बनारसी साड़ी के आंचल पर राम मंदिर और बॉर्डर पर सरयू की डिजाइन बनाई गई है.

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यह है किमत

वहीं सर्वेश ने बताया कि प्योर रेशम से बनी साड़ी पर पूरा काम हाथ से किया गया है. हथकरघे पर ही पूरी साड़ी तैयार की जाती है. इसे तैयार करने में दो महीने से ज्यादा का वक्त लगता है. 18 कारीगर मिलकर एक साड़ी तैयार करते हैं. एक साड़ी की कीमत 35 हजार रुपये है. साड़ी की तरह ही उन्होंने दुपट्टे भी बनाए हैं. दुपट्टे के दोनों किनारे उन्होंने राम मंदिर की डिजाइन बनाई. एक दुपट्टे की कीमत 50 हजार रुपए है. दुपट्टा तैयार करने में तीन महीने का समय लगता है.

जानें कब आया यह आइडिया

साड़ी की डिजाइन तैयार करने वाली नेहा श्रीवास्तव ने बताया कि अयोध्या में राममंदिर के शिलान्यास के दौरान ही साड़ी पर इसे उतारने का आइडिया आया था. 15 दिन की कोशिशों के बाद डिजाइन तैयार की गई. कला विशेषज्ञों के मुताबिक उचंत बुनकरी कला रामायण काल की कला है. इसमें सुइयों के सहारे साड़ी की बुनाई होती है. वहीं सर्वेश बनारसी साड़ी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां की तस्वीर भी उकेर चुके हैं. उन्होंने बनारसी साड़ी पर पीएम मोदी और उनकी मां के अटूट प्रेम को दर्शाया था। सर्वेश पीएम की मां को ये साड़ी भेंट करना चाहते थे।

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Sandeep kumar

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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