झारखंड: पानी के तेज बहाव में फंसीं दो छात्राएं, सीआरपीएफ के जवानों ने ग्रामीणों की मदद से ऐसे सुरक्षित निकाला

झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड़ इलाके में दो छात्राएं पानी के तेज बहाव में फंस गयीं, लेकिन स्थानीय लोगों व सीआरपीएफ जवानों की तत्परता से उन्हें रस्सी व बांस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
पीरटांड़, गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड़ इलाके में दो छात्राएं पानी के तेज बहाव में फंस गयीं, लेकिन स्थानीय लोगों व सीआरपीएफ जवानों की तत्परता से उन्हें रस्सी व बांस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बताया जा रहा है कि मधुबन-पांडेयडीह मार्ग के बेड़ी स्थित सितानाला में शनिवार की शाम को दो स्कूली बच्चियां पानी के तेज बहाव में फंस गईं. देखते ही देखते काफी संख्या में लोग जुट गए. इस बीच सीआरपीएफ पर्वतपुर कैंप को भी इसकी सूचना दी गयी. सीआरपीएफ के सहायक कमांडेट पंकज कुमार एवं अन्य सीआरपीएफ जवानों व स्थानीय लोगों की मदद से रस्सी और बांस के द्वारा बच्चियों को सुरक्षित निकाला गया.
स्कूल से गांव लौटने के दौरान फंसीं दो छात्राएं
गिरिडीह जिले के पीरटांड़ क्षेत्र के पाण्डेयडीह व पिपराडीह समेत दर्जनों गांवों को मधुबन से जोड़नेवाले मुख्य मार्ग के बीच बेड़ी नदी का जलस्तर बढ़ जाने से राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. शनिवार मूसलाधार बारिश के बाद अचानक बेड़ी नदी उफान पर आ गयी. नदी में जलस्तर बढ़ जाने व तेज बहाव के बीच दो स्कूली छात्रा घंटों फंसी रहीं. शनिवार की शाम स्कूली छात्राओं का समूह मधुबन विद्यालय से अपने-अपने गांव जा रहा था. बेड़ी नदी के बीच पहुंचते ही अचानक तेज बहाव के साथ नदी का जलस्तर बढ़ गया. कुछ छात्राएं जल्दबाजी में निकल गईं, जबकि दो छात्राएं नदी के बीच पत्थर के सहारे रुक गईं. देखते ही देखते नदी के जलस्तर ने रौद्र रूप ले लिया.
नदी में फंसने के बाद मदद की लगाने लगीं गुहार
स्कूली छात्राएं घंटों नदी के बीच पत्थर के ऊपर बैठकर मदद की गुहार लगाने लगीं. मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों का जुटान हो गया. बाद में ग्रामीणों द्वारा पर्वतपुर सीआरपीएफ केम्प को मामले की जानकारी दी गई. जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट पंकज कुमार जवानों के साथ पहुंचे. सीआरपीएफ एवं ग्रामीणों की मदद से बांस व रस्सी के सहारे दोनों छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया. हालांकि बेड़ी नदी में तेज बहाव के कारण देर शाम आवागमन बाधित रहा.
जान जोखिम में डालकर बचायी छात्राओं की जान
स्थानीय ग्रामीण रस्सी व बांस के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार किया. गौरतलब है कि पारसनाथ पर्वत से बहनेवाली सीतानाला बेड़ी नदी में मिलता है. पहाड़ पर भी बारिश होने से बेड़ी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है. नदी का जलस्तर बढ़ने से राहगीरों को हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हालांकि बेड़ी नदी पर सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के प्रयास से पुल निर्माण को लेकर शिलान्यास भी हो चुका है. यह मार्ग पाण्डेयडीह, पिपराडीह मार्ग समेत दर्जनों गांव को जोड़ता है. दर्जनों गांवों के मजदूरों व किसानों का प्रतिदिन रोजगार के लिए मधुबन आना-जाना लगा रहता है.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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