PM Modi Kashi Visit: घाटों और चौराहों पर लगा हर हर महादेव का जयघोष, पीएम ने हाथ हिलाकर स्वीकार किया अभिवादन

पीएम मोदी जब ललिता घाट से रविदास घाट जा रहे थे तो लोग हर हर महादेव के नारे लगाकर उनका स्वागत कर रहे थे. पीएम ने भी हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकर किया.
Varanasi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवनिर्मित विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन कर बरेका गेस्ट हाउस जाने के लिए ललिता घाट से रविदास घाट पर क्रूज पर बैठकर निकले तो घाट पर मौजूद लोगों ने पीएम मोदी का जयघोष करते हुए हर हर महादेव का नारा लगाते हुए स्वागत किया तो जवाब में पीएम ने भी सभी का अभिवादन हाथ हिलाते हुए स्वीकार किया. उन्होंने सभी का हाथ हिलाकर धन्यवाद दिया. नारद घाट, क्षेमेश्वर घाट, केदारघाट, चौकी घाट, हनुमान घाट, शिवाला घाट, चेतसिंह घाट, भैदिनी घाट, जानकी घाट, पम्पाव घाट, तुलसी घाट, रीवा घाट, अस्सी घाट, नए अस्सी घाट सहित रविदास घाट पर भी लोगों ने हर हर महादेव का जयघोष लगाया.
जब पीएम मोदी रविदास घाट से सड़क मार्ग पर से होते हुए निकले तो नगवा से लेकर बरेका तक की सड़कों पर हर हर महादेव के जयघोष के साथ मोदी का जयकारा लगाया गया. नगवा तिराहे, रविदास गेट, मालवीय चौराहे, नारियां तिराहे, सुंदरपुर चौराहे से होते हुए भिखारीपुर चौराहे तक पीएम के गाड़ियों के ऊपर फूल फेंक काशी की जनता ने अपने सांसद का स्वागत किया.
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रविदास घाट पर पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने संत रविदास की पूजा अर्चना की. इस दौरान उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. पीएम यहां से बरेका के लिए रवाना हो गए.
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इससे पहले, पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का लोकार्पण किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, विश्वनाथ धाम का ये पूरा नया परिसर एक भव्य भवन भर नहीं है, ये प्रतीक है, हमारे भारत की सनातन संस्कृति का! ये प्रतीक है, हमारी आध्यात्मिक आत्मा का! ये प्रतीक है, भारत की प्राचीनता का, परम्पराओं का! भारत की ऊर्जा का, गतिशीलता का. आप यहां जब आएंगे तो केवल आस्था के दर्शन नहीं करेंगे. आपको यहां अपने अतीत के गौरव का अहसास भी होगा. कैसे प्राचीनता और नवीनता एक साथ सजीव हो रही हैं, कैसे पुरातन की प्रेरणाएं भविष्य को दिशा दे रही हैं, इसके साक्षात दर्शन विश्वनाथ धाम परिसर में हम कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, पहले यहां जो मंदिर क्षेत्र केवल तीन हजार वर्ग फीट में था, वो अब करीब 5 लाख वर्ग फीट का हो गया है. अब मंदिर और मंदिर परिसर में 50 से 75 हजार श्रद्धालु आ सकते हैं. यानि पहले मां गंगा का दर्शन-स्नान, और वहां से सीधे विश्वनाथ धाम. काशी में एक ही सरकार है, जिनके हाथों में डमरू है, उनकी सरकार है. जहां गंगा अपनी धारा बदलकर बहती हों, उस काशी को भला कौन रोक सकता है?
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, काशी शब्दों का विषय नहीं है, संवेदनाओं की सृष्टि है. काशी वो है- जहां जागृति ही जीवन है! काशी वो है- जहां मृत्यु भी मंगल है! काशी वो है- जहां सत्य ही संस्कार है! काशी वो है- जहां प्रेम ही परंपरा है.
(रिपोर्ट- विपिन सिंह, वाराणसी)
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