दीपावली व कालीपूजा के उमंग पर सित्रांग का सितम, आंधी तूफान के साथ ही सुबह से शुरु हुई बारिश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Oct 2022 11:36 AM
पश्चिम बंगाल में दीपावली व कालीपूजा पर चक्रवात सित्रांग का असर मंडराने लगा है. सुबह से ही बारिश के साथ तेज हवा के झोंके अपना असर दिखाने लगे है. बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक दबाव बना रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह दबाव उत्तर पूर्व की ओर बढ़ेगा और चक्रवाती तूफान के रूप में तब्दील हो जाएगा.
पश्चिम बंगाल में दीपावली व कालीपूजा पर चक्रवात सित्रांग का असर मंडराने लगा है. सुबह से ही बारिश के साथ तेज हवा के झोंके अपना असर दिखाने लगे है. बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक दबाव बना रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह दबाव धीरे धीरे उत्तर पूर्व की ओर बढ़ेगा और चक्रवाती तूफान के रूप में तब्दील हो जाएगा. वहीं 25 अक्टूबर को यह तूफान बांग्लादेश तट को पार कर जाएगा. बांग्लादेश में यह तिनकोना द्वीप और सान द्वीप से होते हुए निकलेगा. हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने इससे प्रभावित इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है.
आइएमडी ने एक बुलेटिन में कहा कि चक्रवात के चलते मंगलवार को उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं चलने का अनुमान लगाया गया है. दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना एवं नदिया जिलों में सोमवार को भारी ज्वार के साथ ही भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है. कोलकाता, हावड़ा और हुगली में सोमवार एवं मंगलवार को मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है . प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है जो कि 100 किलोमीटर की रफ्तार भी अख्तियार कर सकती है.
दक्षिण बंगाल के जिलों में बुधवार सुबह तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना एवं नदिया जिलों में सोमवार को भारी बारिश होगी, जबकि है पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं. कोलकाता, हावड़ा और हुगली में सोमवार एवं मंगलवार को मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है.
श्री बंद्योपाध्याय ने कहा कि भारी बारिश के साथ 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने से कच्चे तटबंधों, सड़कों और मकानों को नुकसान पहुंचने तथा बिजली व संचार सेवाएं बाधित होने की आशंका है. अमावस्या पर ज्वार भाटा के साथ तूफान की दस्तक से कच्चे तटबंध टूटने से संबंधित क्षेत्रों के निचले इलाकों में समुद्र का पानी भर सकता है. चक्रवात से उठने वाली लहरों की ऊंचाई ज्वार के स्तर से एक मीटर ऊपर होता है. चूंकि 25 अक्टूबर को अमावस्या है, इसके कारण पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर पांच से छह मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं. सोमवार की सुबह उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में चक्रवात की दस्तक होने पर लगभग छह मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं.
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