बंगाल में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 26 हुई, पिछले 24 घंटे में चार नये मामले सामने आये

Updated:
विज्ञापन

New Delhi: Medics, in protective suits, interact as police cordon off an area in Nizamuddin after some people showed coronavirus symptoms, in New Delhi, Monday, March 30, 2020. The police took around 200 such people to various hospitals from the area as they participated in a religious congregation at a mosque, few days back. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI30-03-2020_000231A)

coronavirus in bengal : जानलेवा कोरोना वायरस का संक्रमण पश्चिम बंगाल में काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है. अब यहां 24 घंटे के अंदर 4 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. इस तरह से यह संख्या 22 से बढ़कर 26 हो गयी. इनमें से एक व्यक्ति हावड़ा अस्पताल में भर्ती था, सोमवार शाम को ही उसकी मौत हो गयी थी.

विज्ञापन

कोलकाता : जानलेवा कोरोना वायरस का संक्रमण पश्चिम बंगाल में काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है. अब यहां 24 घंटे के अंदर 4 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. इस तरह से यह संख्या 22 से बढ़कर 26 हो गयी. इनमें से एक व्यक्ति हावड़ा अस्पताल में भर्ती था, सोमवार शाम को ही उसकी मौत हो गयी थी.

बेलियाघाटा नाइसेड अस्पताल से देर रात जब रिपोर्ट आयी तो पता चला कि वह कोरोना से पॉजिटिव था. जिस दूसरे शख्स में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है वह पश्चिम मेदिनीपुर के दासपुर का रहने वाला है. 32 साल का युवक मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है. अस्पताल में उसकी खून के नमूने में कोरोना संक्रमण के लक्षण मिले थे. पुष्टि करने के लिए बेलियाघाटा नाइसेड में भेजा गया था जहां से संक्रमण की पुष्टि की गयी है. वह मुंबई से लौटा था.

तीसरे पीड़ित शख्स की आयु करीब 50 साल है. वह सॉल्टलेक के एक नर्सिंग होम में भर्ती हैं. उसके शरीर में भी संक्रमण की पुष्टि सोमवार रात हुई है. टॉलीगंज की 52 साल की एक महिला को रविवार ढाकुरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. उसके खून के नमूने को जांच के लिए एसएसकेएम अस्पताल में भेज दिया गया था.

सोमवार देर रात उसकी रिपोर्ट आयी है.उसमें भी संक्रमण की पुष्टि हुई है. इस तरह से पिछले 24 घंटे के दौरान बंगाल में 4 नये मामले सामने आये हैं. ज्ञात हो कि पिछले कई दिनों से रोज 4 से 5 लोग बंगाल में इस महामारी से संक्रमित पाये जा रहे हैं. हालांकि इनमें से तीन लोगों की मौत पहले ही हो चुकी है.

राज्य में कुल 47000 लोग होम क्वॉरेंटाइन में रखे गये हैं. रविवार को भी चार लोगों के शरीर में संक्रमण की पुष्टि हुई थी. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया है कि इन सभी की हालत स्थिर है. अलीपुर स्थित सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय के कमांड हॉस्पिटल में तैनात एक चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं. उनके संपर्क में 43 लोग आये थे. उन सभी को आइसोलेट किया गया है.

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola