ePaper

आखिरकार कलकत्ता हाईकोर्ट से माणिक को मिली राहत, नहीं देना होगा जुर्माना ना ही होगी संपत्ति जब्त

Updated at : 10 Aug 2023 6:00 PM (IST)
विज्ञापन
आखिरकार कलकत्ता हाईकोर्ट से माणिक को मिली राहत, नहीं देना होगा जुर्माना ना ही होगी संपत्ति जब्त

माणिक के खिलाफ शिकायत थी कि शाहिला को मूल ओएमआर शीट नहीं दिखाई गई. इस मामले में भी धांधली की गई है. इसके परिणामस्वरूप उनके मुवक्किल को उसकी नौकरी से वंचित कर दिया गया है.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती मामले में फंसे प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य को आखिरकार कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत मिल गई है. माणिक को 5 लाख रुपये का जुर्माना नहीं देना होगा. कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ ने गुरुवार को ऐसा आदेश दिया. न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने माणिक को जुर्माना भरने का आदेश दिया था. उनके आदेश का एक हिस्सा डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया था. नतीजा यह हुआ कि माणिक को कोर्ट में थोड़ी राहत मिल गई. टेट अभ्यर्थी शाहिला परवीन की शिकायत के आधार पर माणिक पर जुर्माना लगाया गया था. न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने जुर्माना न चुकाने पर उनकी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया था. गुरुवार को वह आदेश भी खारिज कर दिया गया.

शाहिला को नहीं दिखाई गई मूल ओएमआर शीट

2017 टीईटी उम्मीदवार शाहिला ने शिकायत की कि परीक्षा देने के बावजूद उन्हें कितने नंबर मिले इसकी जानकारी नहीं थी. शाहिला जानना चाहती हैं कि उन्हें परीक्षा में कितने अंक मिले. आपनी ओएमआर शीट भी देखना चाहती है. माणिक के खिलाफ शिकायत थी कि शाहिला को मूल ओएमआर शीट नहीं दिखाई गई. इस मामले में भी धांधली की गई है. याचिकाकर्ता के वकील तीर्थंकर डे ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप उनके मुवक्किल को उसकी नौकरी से वंचित कर दिया गया है.

Also Read: ‘दुआरे सरकार’ परियोजना से अब तक 6.6 करोड़ लोगों तक पहुंची हैं सेवाएं, सितंबर में फिर लगेंगे शिविर
माणिक पर लगा  लापरवाही के आरोप

इस मामले में माणिक को लापरवाही के आरोप में पांच लाख रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया गया था. लेकिन जुर्माना न भरने के कारण उन्होंने माणिक की देश और विदेश में मौजूद सभी संपत्तियों को जब्त करने का भी आदेश दिया गया था. कहा गया कि जुर्माना भरने तक माणिक को उनकी संपत्ति वापस नहीं दी जाएगी. इस आदेश को चुनौती देते हुए पूर्व बोर्ड अध्यक्ष ने डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटाया था. न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति उदय कुमार की खंडपीठ ने गुरुवार को कहा कि माणिक को जुर्माना नहीं देना होगा. उनकी संपत्ति भी जब्त नहीं की जानी चाहिए. लेकिन मांग के अनुरूप सारी जानकारी बोर्ड को देनी होगी. ओएमआर शीट सहित अन्य दस्तावेज जो वह देखना चाहता है, उसे ठीक से दिखाना होगा. हालांकि, बोर्ड यह जानकारी डिजिटल माध्यम से दिखा सकता है.

Also Read: बेहला में छात्र की मौत से नाराज हैं ममता बनर्जी, मुख्य सचिव को कहा जानें कैसे हुआ ऐसा

विज्ञापन
Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola