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अब बंगाल चुनाव प्रभारी सुदीप जैन से ममता की पार्टी नाराज, डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- पक्षपातपूर्ण रवैये वाले अधिकारी

Updated at : 04 Mar 2021 6:10 PM (IST)
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अब बंगाल चुनाव प्रभारी सुदीप जैन से ममता की पार्टी नाराज, डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- पक्षपातपूर्ण रवैये वाले अधिकारी

Bengal Election 2021: बंगाल चुनाव में सत्ता बचाने उतरी तृणमूल कांग्रेस ने सुदीप जैन पर कार्रवाई की मांग की है. तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को खत लिखकर उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन को हटाने की मांग कर डाली है. पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सुदीप जैन की कार्यशैली पर कार्रवाई करने की अपील की है.

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Bengal Election 2021: बंगाल चुनाव में सत्ता बचाने उतरी तृणमूल कांग्रेस ने सुदीप जैन पर कार्रवाई की मांग की है. तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को खत लिखकर उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन को हटाने की मांग कर डाली है. पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सुदीप जैन की कार्यशैली पर कार्रवाई करने की अपील की है. सुदीप जैन 2019 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में चुनाव से जुड़े कामकाज देख रहे थे. इंडिया टुडे ने टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन के हवाले से जिक्र किया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सुदीप जैन ने एक पार्टी के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया था.

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लोकसभा चुनाव में हिंसा पर टीएमसी नाराज

तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक साल 2019 में बीजेपी के दिग्गज नेता अमित शाह की रैली के दौरान कोलकाता में बड़े पैमाने पर हिंसा देखने को मिली थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने प्रचार अभियान पर बैन लगा दिया था. चुनाव आयोग की कार्रवाई एक पार्टी के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैये की तरह थी. उस समय आयोग की कार्रवाई पूरी तरह एक पार्टी को टारगेट पर रखकर की गई थी. उस समय भी अमित शाह की रैली के दौरान हिंसा पर चुनाव आयोग की कार्रवाई का तृणमूल कांग्रेस ने विरोध किया था.

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QRT से राज्य पुलिस का अधिकार छीना

डेरेक ओ ब्रायन की मानें तो 2019 के लोकसभा चुनाव में सुदीप जैन ने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया था. इसमें राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र सेना बल (CAPF) के जवान शामिल थे. CAPF के अधिकारी टीम लीड कर रहे थे. संविधान में राज्य पुलिस को कमांड करने का प्रावधान नहीं है. बावजूद आयोग ने ऐसा कदम उठाया. दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार में अमित शाह के कार्यक्रम में हिंसा हुई थी. यहां तक कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. घटना के बाद बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए थे.

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