अभिषेक बनर्जी पर आरोपों से बढ़ रहीं ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें!

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee's nephew and TMC leader Abhishek Banerjee addresses a protest against the Union government for conducting NEET and JEE exams amid the coronavirus pandemic, in Kolkata, Friday, Aug 28, 2020. The protest was organised by TMCP (Trinamool Congress Chhatra Parshad) on its foundation day. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI28-08-2020_000075A)
चुनाव प्रचार के दौरान कई बार तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के बयानों में उनकी परेशानी झलकती रही है. इधर, भाजपा के नेता ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी को अलग-अलग मुद्दों पर लगातार घेर रहे हैं. सवाल है कि अभिषेक की वजह से तृणमूल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं?
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2021 अब आखिरी चरण की ओर बढ़ रहा है. 26 अप्रैल को सातवें चरण की वोटिंग होनी है. मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच ही दिख रही है. दोनों दलों के नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी.
प्रचार के दौरान कई बार तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के बयानों में उनकी परेशानी झलकती रही है. इधर, भाजपा के नेता ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी को अलग-अलग मुद्दों पर लगातार घेर रहे हैं. सवाल है कि अभिषेक की वजह से तृणमूल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि तृणमूल विधानसभा चुनाव में कमजोर साबित हुई, तो उसकी मुख्य वजहों में से एक, अभिषेक बनर्जी के साथ उनके परिवार पर लगे आरोप भी होंगे. विधानसभा चुनाव के ठीक पहले ही तृणमूल कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने बगावत कर दी थी.
तृणमूल कांग्रेस छोड़कर कई नेता भाजपा में शामिल हो गये. सत्तारूढ़ दल का दामन छोड़ने वाले नेताओं ने आरोप लगाया था कि मौजूदा समय में पार्टी में अभिषेक बनर्जी और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का दखल और प्रभाव बढ़ने लगा है. वे अपने फैसले तृणमूल के दूसरे नेताओं पर थोप रहे हैं.
यह भी आरोप लगाये गये कि तृणमूल सुप्रीमो अब अपनी कुर्सी (पार्टी का नेतृत्व) अपने भतीजे को हस्तांतरित करना चाहतीं हैं. तृणमूल से भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं का यह भी दावा रहा है कि इसी बात से तृणमूल खेमे के कई नेताओं में नाराजगी है. ऐसे नाराज नेता सत्तारूढ़ दल का साथ छोड़ने लगे हैं.
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इधर, अवैध कोयला खनन और तस्करी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी और उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर चुकी है. इस मामले को लेकर भी भाजपा के नेता उन पर लगातार हमले बोल रहे हैं.
मौजूदा समय में तृणमूल कांग्रेस में अभिषेक और प्रशांत किशोर का दबदबा बढ़ने के आरोपों पर एक निजी चैनल को दिये साक्षात्कार में श्री बनर्जी ने इसे खारिज कर दिया था. उनका कहना था कि तृणमूल का कोई फैसला पार्टी की समन्वयक समिति और नियंत्रक समिति में शामिल सभी सदस्यों की सहमति से लिया जाता है.
Posted By : Mithilesh Jha
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