350 करोड़ से बना धनबाद का महेशपुर सायलो प्लांट बंद, 5 महीने से नहीं हो रही कोयले की आपूर्ति

Updated at : 14 Jan 2022 6:31 PM (IST)
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350 करोड़ से बना धनबाद का महेशपुर सायलो प्लांट बंद, 5 महीने से नहीं हो रही कोयले की आपूर्ति

jharkhand news: हर दिन 15 हजार टन कोयला क्रश करने की क्षमता वाली महेशपुर सायलो प्लांट कोयले के अभाव में बंद हो गया है. पिछले 5 महीने से कोयले की आपूर्ति इस प्लांट को नहीं हो रही है. इस प्लांट के निर्माण में 350 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन निर्माण के 9 महीने बाद ही प्लांट में उत्पादन रूक गया.

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Jharkhand News: BCCL के गोविंदपुर क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर में सायलो के माध्यम से रैपिड लोडिंग सिस्टम के साथ बना कोल हैंडलिंग प्लांट कोयला के अभाव में पिछले पांच माह से बंद है. कंपनी को हर माह मजदूरों को बैठा कर करीब 30 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है. कोयला क्रश कर उसे सीधे रैक में लादने या यूं कहें तो क्वालिटी कोल और तेजी से वैगन लोडिंग के उद्देश्य से करीब 350 करोड़ रुपये खर्च कर महेशपुर में सायलो प्लांट का निर्माण कराया गया था.

एसके सामंता कंपनी ने वर्ष 2012 में प्लांट का निर्माण शुरू किया था. बीसीसीएल ने इसे दिसंबर 2020 में हैंडओवर लिया. दिसंबर से अगस्त 2021 तक गोविंदपुर व बरोरा एरिया से लगातार कोयला की आपूर्ति की गयी. करीब 9 महीने चलने के बाद सितंबर 2021 से प्लांट को कोयला की आपूर्ति बंद है.

वर्तमान में सायलो प्लांट को क्षमता के मुताबिक कोयला की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. बीसीसीएल प्रबंधन उत्पादन प्रभावित होने की मुख्य वजह रेलवे लाइन का विस्तारीकरण बता रहा है. वजह चाहें जो हो, कोयला नहीं मिलने का असर प्लांट के उत्पादन पर पड़ा है.

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ट्रायल के समय भी नहीं मिला प्रचुर मात्रा में कोयला

हैंडओवर से पहले महेशपुर सायलो प्लांट की पांच माह तक टेस्टिंग चली. निर्माता कंपनी एसके सामंता ने प्लांट की पहली टेस्टिंग जुलाई 2020 में शुरू की, जबकि नंवबर 2020 में फाइनल टेस्टिंग के बाद दिसंबर 2020 में इसे हैंडओवर कर दिया. इसके पश्चात कंपनी मुख्यालय कोयला भवन से लेकर कोयला मंत्रालय तक के अधिकारियों ने कई बार प्लांट का निरीक्षण किया, जिसके बाद यह चालू हुआ.

जानकारी के मुताबिक, सायलो प्लांट को एक दिन में 15 हजार टन कोयला इनपुट में डाल कर ट्रायल होना था, लेकिन गोविंदपुर और बरोरा एरिया से आपूर्ति किया गया मात्र 10 हजार टन कोयला इनपुट में डाल कर ट्रायल पूरा किया गया. हैंडओवर लेने के बाद करीब नौ माह तक ट्रायल कर प्लांट की क्षमता की जांच की गयी. बताया जाता है कि एक दिन में लगभग 15 हजार टन कोयला क्रश (ऑर्डर के अनुरूप कोयला का साइज) करने की क्षमता प्लांट की है.

प्लांट के लिए आनन-फानन में बनी 18 लाख की सड़क

महेशपुर सायलो प्लांट चालू करने के लिए बीसीसीएल ने आनन-फानन में करीब 18 लाख रुपये खर्च कर सड़क बनवायी. हालांकि, सड़क की क्वालिटी को लेकर विवाद भी हुआ. प्रबंधन से शिकायत भी हुई. ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन भी किया, पर मामले की जांच नहीं हुई. इसके अलावा बाउंड्री वॉल बनाने पर करीब 40 लाख तथा जिंक की बाउंड्री वॉल तोड़ने पर सात लाख रुपये खर्च किये गये.

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76 करोड़ खर्च कर बिछाई जा रही रेललाइन

सायलो प्लांट के विस्तार के लिए अब बीसीसीएल सोनारडीह रेल पुल से प्लांट तक डबल रेल लाइन बिछा रहा है. इसके लिए राइट्स को लगभग 76 करोड़ रुपये का भुगतान किया जायेगा. हरदेव कंस्ट्रक्शन देवघर टुंडू रेल पुल के समीप पुल बनाने के लिए फाउंडेशन की खुदाई कर रहा है. पूर्व में फाउंडेशन की खुदाई के दौरान भारी मात्रा में कोयला निकला था, जिसकी हेराफेरी का आरोप है. इसकी शिकायत गोविंदपुर प्रबंधन ने जिला प्रशासन और राइट्स से की थी. इसके बाद फाउंडेशन की खुदाई का कार्य राइट्स ने बंद करवा दिया था. दोबारा फाउंडेशन की खुदाई शुरू हुई है. इस दाैरान निकाला गया कोयला ब्लॉक फोर कोलियरी में भेजा जा रहा है. प्रबंधन ने सुबह 8 से शाम 5 बजे तक ही फाउंडेशन खुदाई में मिले कोयला को हाइवा से ले जाने की अनुमति दी है. शाम पांच बजे के बाद कार्य बंद रहता है.

प्लांट की सुरक्षा में लगाये गये हैं 60 बीसीसीएल कर्मचारी

प्लांट की सुरक्षा में 60 कोल कर्मियों को लगाया गया है. इन्हें तीन पालियों की ड्यूटी पर तैनात किया गया है. इसके अलावा रविवार (संडे ड्यूटी) को लगभग 12-15 कर्मियों को रखा जाता है. बावजूद प्लांट के कन्वेयर बेल्ट से 86 लोहे के रोलर की चोरी हो चुकी है. प्लांट की सुरक्षा में लगाये गये 60 कर्मियों पर कंपनी का प्रतिमाह करीब 30 लाख रुपया खर्च हो रहा है, पर चोरी बदस्तूर जारी है. चोरी की घटनाओं में इजाफा होने पर प्रबंधन ने दो सीआइएसएफ जवानों को भी ड्यूटी पर तैनात किया है. सूत्र बताते हैं कि कर्मचारी हाजिरी बनाने के बाद घर चले जाते हैं.

प्लांट बंद नहीं है, कोयले की आपूर्ति कम है : जीएम

इस संबंध में जीएम, गोविंदपुर एरिया धर्मेंद्र मित्तल ने कहा कि सायलो प्लांट बंद नहीं है. चूंकि कोयला की उपलब्धता बहुत कम है, इस कारण आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है. पर प्लांट चालू है. प्लांट को पूर्णत: चालू करने के लिए व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है.

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कोयले का नहीं है अभाव : सोमनाथ बक्शी

वहीं, महेशपुर पीओ साेमनाथ बक्शी ने कहा कि कोयला का अभाव नहीं है. प्लांट में रेललाइन विस्तार का कार्य चल रहा है. उसके बाद मुख्यालय के आदेश पर तीन एरिया का कोयला यहां से क्रश कर भेजा जायेगा. इसके लिए प्लांट में और भी मजदूरों की संख्या बढ़ानी होगी. फिलहाल तेतुलिया साइडिंग से रेलवे ट्रैक से कोयला भेजा जा रहा है. साथ ही ट्रांसपोर्टिंग कंपनी द्वारा साइडिंग में ही कोयला क्रश करने की मशीन लगायी गयी है. उससे भी कोयला क्रश किया जा रहा है.


रिपोर्ट : उमेश श्रीवास्तव/अजय प्रसाद, कतरास/फुलारीटांड़, धनबाद.

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