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शिव और सर्वार्थ सिद्ध योग में होगा माघ मेला का आखिरी स्नान, जानें तारीख और इस दिन का महत्व

Updated at : 09 Feb 2024 4:23 PM (IST)
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शिव और सर्वार्थ सिद्ध योग में होगा माघ मेला का आखिरी स्नान, जानें तारीख और इस दिन का महत्व

Maha Shivratri 2024: माघ मेले के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के दिन किया जाता है. माघ के माह में प्रयागराज में संगम तट पर गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व होता है. महाशिवरात्रि पर माघ मेले का आखिरी स्नान किया जाएगा.

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Magh Mela 2024: माघ मास में गंगा स्नान और प्रयाग में स्नान करना अति शुभ माना गया है. माघ पूर्णिमा 24 फरवरी 2024 को पांचवा स्नान और 8 मार्च 2024 को महाशिवरात्रि पर माघ मेले का आखिरी स्नान किया जाएगा. महाशिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि समेत 3 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. उस दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र हैं. महाशिवरात्रि व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि, शिव और सिद्ध योग में माघ मेला का आखिरी स्नान होगा. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06 बजकर 38 मिनट से सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. वहीं शिव योग प्रात:काल से लेकर 09 मार्च को 12 बजकर 46 मिनट तक है. उसके बाद से सिद्ध योग बन रहा है. शिव योग को साधना के लिए अच्छा माना जाता है, वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल सिद्ध होते हैं. श्रवण नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक है, उसके बाद से धनिष्ठा नक्षत्र है.

महाशिवरात्रि के दिन गंगा स्नान का महत्व

माघ मेले के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के दिन किया जाता है. माघ के माह में प्रयागराज में संगम तट पर गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व होता है. अगर आप माघ माह में तीन बार स्नान करते हैं तो अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल मिलता है. धार्मिक मान्यता है कि माघ मेले के अंतिम दिन गंगा स्नान करने पर देवों के देव महादेव के साथ-साथ भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं, जो भी व्यक्ति इस दिन गंगा स्नान करता है उसके जीवन में सुख, सौभाग्य,धन-संपत्ति, वंश आदि में वृद्धि होती है.

माघ मेले के आखिरी स्नान

माघ मेले के आखिरी दिन साधु-संत समेत सभी आमजन त्रिवेणी संगम में स्नान करते हैं. प्रयागराज में गंगा,यमुना,और सरस्वती नदी का संगम है त्रिवेणी कहा जाता है. पद्म पुराण के मुताबिक, माघ मेले का स्नान संगम तट पर करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार के पाप समाप्त हो जाते है. माघ माह में स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. माघ में भगवान विष्णु की पूजा करने से कार्य सफल होते हैं. माघ में मधुराष्टक और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए.

माघ मेला का चौथा स्नान

माघ मेला का चौथा स्नान 14 फरवरी दिन बुधवार को है, इस दिन बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. बसंत पंचमी पर ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है. बसंत पंचमी स्नान का मुहूर्त 05 बजकर 18 मिनट से प्रारंभ होगा, इस दिन रवि योग 10 बजकर 43 मिनट से लेकर पूरी रात तक रहेगा.

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माघ मेला का पांचवा स्नान

माघ मेला का पांचवा स्नान 24 फरवरी दिन शनिवार को रहेगा. माघ पूर्णिमा स्नान का मुहूर्त 05 बजकर 11 मिनट से शुरू होगा. स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 11 मिनट से सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक रहेगा. वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक है. वहीं इस दिन मां लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ समय सुबह 12 बजकर 09 मिनट से रात 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.

माघ मेला का छठा स्नान

माघ मेला का छठा स्नान 8 मार्च दिन शुक्रवार को है, इस दिन महाशिवरात्रि है. माघ मेला का आखिरी स्नान महाशिवरात्रि के दिन किया जाएगा, इसी के साथ माघ मेला का समापन हो जाएगा. माघ मेले के आखिरी स्नान का शुभ मुहूर्त 05 बजे से प्रारंभ होगा, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग 06 बजकर 38 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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