माघ मास शुरू, इस महीने भूलकर भी नहीं करना चाहिए ये काम, इन बातों का रखें ध्यान

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 26 Jan 2024 8:13 AM

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Magh Month 2024: हिंदू धर्म में माघ महीने का विशेष महत्व है. माघ महीन में प्रयागराज में संगम तट पर गंगा स्नान करने का विधान है, इससे कभी न खत्म होने वाला पुण्य मिलता है.

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Magh Month 2024: माघ मास हिंदू कलैंडर का 11वां महीना है, इस महीने को बेहद पवित्र माना जाता है. माघ महीना 26 जनवरी 2024 दिन शुक्रवार से शुरू हो गया है. माघ मास की समाप्ति 24 फरवरी 2024 को माघ पूर्णिमा पर होगी. माघ महीन में प्रयागराज में संगम तट पर गंगा स्नान करने का विधान है, इससे कभी न खत्म होने वाला पुण्य मिलता है. एक माह तक लोग यहां कल्पवास करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि संगम तट पर स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति के कष्टों से राहत मिलती हैं. पद्म पुराण के मुताबिक, जो त्रिवेणी संगम पर नहाता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. प्रयागराज में गंगा, यमुना, और सरस्वती नदी का संगम है, इस संगम स्थल को त्रिवेणी कहा जाता है. यहां कई साधु, संत, कल्पवास कर धार्मिक कार्य करते हैं.

माघ मास में क्या दान करना चाहिए?

माघ मास में गुड़, तिल और कंबल का दान बेहद फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ऐसा करने से हर तरह के रोग दूर होते हैं. माघ माह का शनिवार बहुत खास माना जाता है. इस दिन काले तिल, काली उड़द को काले कपड़े में बांधकर किसी गरीब व्यक्ति को दान करने से शनि देव की खास कृपा मिलती है.

माघ माह में क्या करना चाहिए

  • माघ माह में भगवान सूर्य के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी विधान है.

  • इस पूरे माह किए जाने वाले काम का शुभ फल मिलता है.

  • माघ माह में प्रतिदिन गीता का पाठ फलदायी माना गया है.

  • माघ के महीने में पवित्र नदियों में स्नान जरूर करना चाहिए.

  • माघ महीने में तुलसी पूजन करना चाहिए.

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माघ के महीने में क्या नहीं करना चाहिए?

  • हिंदू धर्म में माघ महीने का विशेष महत्व होता है.

  • माघ माह की शुरुआत इस माह किए कामों का फल कई जन्मों तक मिलता रहता है.

  • माघ मास में तामसिक चीजों को खाने से बचना चाहिए.

  • इस महीने लड़ाई-झगड़े से दूर रहें.

  • मूली का सेवन न करें.

  • किसी का अपमान न करें.

  • ज्यादा देर तक न सोएं.

माघ मास का महत्व क्या है?

माघ का महीना पहले माध का महीना कहलाता था ‘माध’ अर्थात श्री कृष्ण के एक स्वरूप ‘माधव’ से इसका संबंध है. मान्यता है कि माघ मास में किए गए कार्यों का फल कई जन्मों तक मिलता है. यही वजह है कि माघ महीने में श्रीकृष्ण, सूर्य देव की पूजा, गंगा स्नान, जरुरतमंदों को दान देने का विशेष महत्व है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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