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कोलकाता नगर निगम घेरने जा रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Updated at : 05 Jul 2021 3:00 PM (IST)
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कोलकाता नगर निगम घेरने जा रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोलकाता नगर निगम घेरने जा रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार, वाटर कैनन के साथ पुलिस के 1000 जवान तैनात

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में फर्जी टीकाकरण के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. सोमवार को केएमसी का घेराव करने जा रहे भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया.

बताया जा रहा है कि ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (ज्वाइंट सीपी) रैंक के 4 अधिकारियों के अलावा एडीशनल पुलिस कमिश्नर (एसीपी) रैंक के 2 और डिप्टी कमिश्नर (डीसी) रैंक 6 अधिकारियों को तैनात किया गया है. कुल मिलाकर करीब 1000 पुलिसकर्मियों को भाजपा के अभियान को रोकने के लिए तैनात किया गया है. पुलिस की अनुमति के बगैर भाजपा नगर निगम अभियान पर अड़ी है.

इतनी बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती से कोलकाता नगर निगम किला में तब्दील हो चुका है. पुलिस ने भाजपा को इस अभियान की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. बावजूद इसके भाजपा अभियान पर अड़ी है. पुलिस ने कह दिया है कि यदि भाजपा अभियान निकालती है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी.

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वहीं, बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे. यदि पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की, तो पुलिस को इसके परिणाम भुगतने होंगे. इधर, सूत्र बता रहे हैं कि पुलिस पूरी तरह से तैयार है. भाजपा कार्यकर्ताओं को नगर निगम के आसपास तक भी नहीं पहुंचने दिया जायेगा.

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उल्लेखनीय है कि पुलिस ने भाजपा को कोरोना की स्थिति के मद्देनजर कार्यक्रम को वापस लेने को कहा था. प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ खेमा संदिग्ध अभियान के कथित मास्टरमाइंड देबांजन देव और टीएमसी नेताओं और केएमसी के आकाओं के एक वर्ग के बीच संबंधों को “छुपाने” की कोशिश कर रहा है और उनकी पार्टी इस “गठजोड़” का पर्दाफाश करने के लिए सोमवार को प्रदर्शन करेगी.

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दिलीप घोष ने कहा फर्जी टीके कई लोगों की जिंदगियों को खतरे में डाल सकते थे. घोष ने कहा, “सत्ताधारी दल के इशारे पर प्रशासन, भाजपा को अपना आंदोलन वापस लेने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वह नहीं चाहता कि इस मुद्दे को उजागर किया जाये. हम सभी कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सीमित लोगों के साथ अपना प्रदर्शन करेंगे. हमने अपनी योजना को लेकर कोलकाता पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया है. पुलिस अंतिम समय में हमें रोकने की कोशिश कर रही है.”

https://www.youtube.com/watch?v=otTHhfPt_MY

देबांजन देव ने टीएमसी के शासन वाले नगर निकाय का संयुक्त आयुक्त बनकर शहर में संदिग्ध टीकाकरण शिविर लगाया था. इसका भांडा तब फूटा, जब अभिनेत्री और टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती ने उसके कसबा केंद्र पर टीका लगवाया और इस बारे में सचेत किया. कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सभी सभाओं पर प्रतिबंध है.

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माकपा के छात्र, युवा, महिला संगठनों ने किया था प्रदर्शन

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को सोशल मीडिया के जरिये भाजपा के कार्यक्रम के बारे में पता चला और इसके बाद पार्टी को प्रतिबंधों के बारे में बता दिया गया है. पिछले हफ्ते, माकपा के छात्र, युवा और महिला संगठनों ने केएमसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था और संदिग्ध अभियान में शामिल सभी लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी.

Posted By: Mithilesh Jha

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