ePaper

वाराणसी: काशी विश्वनाथ के कर्मचारियों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा, कमिश्नर ने दी प्रस्ताव को हरी झंडी

Updated at : 14 Jan 2024 9:42 AM (IST)
विज्ञापन
वाराणसी: काशी विश्वनाथ के कर्मचारियों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा, कमिश्नर ने दी प्रस्ताव को हरी झंडी

काशी विश्वनाथ के परिसर में कार्यरत कर्मियों को राज्यकर्मियों का दर्जा दिया जाएगा. अपर मुख्य कार्यपालक की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने इस प्रस्ताव को तैयार किया है, जिसे वाराणसी कमिश्नर कौशलराज शर्मा ने हरी झंडी दे दी है.

विज्ञापन

काशीपुराधिपति के धाम में देवाधिदेव महादेव के मंदिर कार्यालय में कार्यरत कर्मियों को राज्यकर्मियों का दर्जा दिया जाएगा. कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए सेवा नियमावली में मंदिर के अर्चकों को भी उसी श्रेणी में रखा गया है. अपर मुख्य कार्यपालक की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने इस प्रस्ताव को तैयार किया है, जिसे वाराणसी कमिश्नर कौशलराज शर्मा ने हरी झंडी दे दी है. अब उसे स्वीकृति के लिए अगले हफ्ते न्यास बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. वाराणसी कमिश्नर ने कहा कि सेवा नियमावली में सभी श्रेणी के कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा गया है. मंदिर के जिम्मेदारों के मुताबिक सेवा नियमावली में कार्यालय कर्मचारियों को राज्यकर्मियों का दर्जा दिया जाएगा. अर्चकों को भी उसी ग्रेड में रखने का प्रस्ताव है. नई नियमावली में नए पद भी बनाए गए हैं, जिनकी नियुक्ति के अलग-अलग मानक होंगे. पूजा संवर्ग के लिए चार श्रेणियां प्रस्तावित हैं. जिसमें पूजक, वरिष्ठ अर्चक, मुख्य अर्चक और मानित अर्चक शामिल हैं. बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम-1983 13 अक्टूबर 1983 को लागू हुआ था. उसके अतंर्गत विश्वनाथ मंदिर न्यास संचालित हो रहा है. न्यास गठन के बाद से अब तक कर्मचारियों की सेवा नियमावली नहीं बनी थी. वर्ष 2021 में मंदिर का कर्मचारी अरुण मिश्र हाईकोर्ट पहुंचा तो मंदिर न्यास को नियमावली बना कर उसे लागू करने का आदेश दिया गया. मई 2022 में विश्वनाथ मंदिर न्यास की 102वीं बैठक में कर्मचारी सेवा नियमावली बनाने का प्रस्ताव आया.

Also Read: Ayodhya Ram Mandir: बिहार के कलाकार ने 14 लाख दीयों से बनाई प्रभु श्रीराम की तस्वीर
न्यास बोर्ड की बैठक में लाया जाएगा प्रस्ताव

प्रो. नागेंद्र पांडेय की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने अपर मुख्य कार्यपालक निखिलेश मिश्र, न्यास सदस्य प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय व प्रो. ब्रजभूषण ओझा की तीन सदस्यीय समिति गठित की. समिति ने विभिन्न मंदिरों, न्यास व ट्रस्ट की व्यवस्थाओं के अध्ययन के बाद पिछले वर्ष अक्टूबर में नियमावली बनाकर कमिश्नर को सौंप दी थी. वर्तमान में विश्वनाथ मंदिर में श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद और न्यास के कर्मचारी, पुजारी और सेवादार कार्य कर रहे हैं. सेवा नियमावली में कर्मचारियों, पुजारियों व सेवादारों की नियुक्ति, सेवा, अधिकार, वेतनमान, कार्यकाल आदि के प्रावधान किए गए हैं. कमिश्नर ने बताया कि कुछ बिंदुओं पर संशोधन के साथ सेवा नियमावली को अंतिम रूप दिया गया है. अगले हफ्ते न्यास बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा. इस संबंध में मंदिर प्रशासन को तैयारी करने का निर्देश दिया गया है.

विज्ञापन
Sandeep kumar

लेखक के बारे में

By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola