स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने धनबाद डीइओ समेत छह के वेतन पर लगाई रोक
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Jul 2022 2:45 PM
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के छह जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया है. विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी किया है. आदर्श विद्यालय में शिक्षकों की रिक्ति से संबंधित जानकारी नहीं देने के कारण धनबाद की जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रबला खेस के वेतन पर रोक लगायी गयी है.
Dhanbad News: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के छह जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया है. विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी किया है. आदर्श विद्यालय में शिक्षकों की रिक्ति से संबंधित जानकारी नहीं देने के कारण धनबाद की जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रबला खेस के वेतन पर रोक लगायी गयी है. वहीं मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में अपग्रेड करने को लेकर प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराने के कारण कई जिले के शिक्षा पदाधिकारी के वेतन पर रोक लगायी है.
स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से जिन जिला के शिक्षा पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगायी गयी है, उनमें खूंटी, लोहरदगा, पलामू, देवघर एवं गोड्डा के जिला शिक्षा पदाधिकारी शामिल हैं. इनके वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगा है. सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है. जिलों को तीन दिनों के अंदर रिक्ति संबंधित जानकारी आरक्षण रोस्टर के अनुरूप देने को कहा गया है. राशि समायोजन नहीं करने के कारण पलामू व साहिबगंज के अतिरिक्त कार्यक्रम पदाधिकारी के जुलाई माह के वेतन में 50 फीसदी की कटौती का निर्देश दिया गया है.
सभी जिलों को स्थापना अनुमति प्राप्त हाइस्कूल के अनुदान के लिए अनुशंसा 15 अगस्त तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध करा देने को कहा गया है.
राज्य के मॉडल स्कूल के शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा से मिला. सभी ने स्कूल के शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया. मॉडल विद्यालय में अब स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक को प्रतिमाह 26500 व स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक को 27500 रुपये मानदेय मिलेगा. प्रतिनिधिमंडल में अनंत प्रिय सेन, सुमंत चक्रवर्ती, प्रभात रंजन, कुबेर कुमार रॉय, विकास कुमार आदि शामिल थे.
जामताड़ा के डीइओ से स्पष्टीकरण पूछा गया है. विभाग ने जारी पत्र में कहा है कि जिला में सामान्य विद्यालयों के नाम में उर्दू विद्यालय जोड़े जाने की जानकारी डीइओ एक वर्ष पूर्व दी गयी थी. इसके बाद भी उनकी ओर से कार्रवाई नहीं गयी. उनसे स्पष्टीकरण पूछने का निर्णय लिया गया है.
बंद अवधि के मध्याह्न भोजन के कुकिंग कास्ट की राशि का कई जिलों में अब तक वितरण नहीं हुआ. जबकि, राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने राशि उपलब्ध करा दी है. जिन विद्यालय के बच्चों को राशि नहीं मिली है, उन विद्यालयों में नये सिरे से सरस्वती वाहिनी का गठन करने को कहा गया है.
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