45 दिनों से हड़ताल पर हैं झारखंड के राजस्व कर्मचारी, जाति-आय प्रमाणपत्र के लिए अभ्यर्थी लगा रहे चक्कर

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 06 Nov 2022 10:11 AM

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झारखंड के राजस्व (हल्का) कर्मचारी विभिन्न मांगों के समर्थन में पिछले 45 दिनों से हड़ताल पर हैं. ऐसे में विद्यार्थी जो नियोजन के लिए फॉर्म भरना चाहते हैं और उच्च शिक्षा के लिए अन्यत्र नामांकन कराना चाहते हैं, उन्हें बहुत परेशानी हो रही है. उनका जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है.

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Dhanbad News: विभिन्न मांगों के समर्थन में झारखंड के राजस्व (हल्का) कर्मचारी पिछले 45 दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं. हालांकि, कुछ अंचलों में कुछ राजस्व कर्मी हड़ताल से अलग हो कर काम पर वापस लौट आये हैं. डेढ़ माह से कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से अंचलों में काम-काज लगभग ठप है. खासकर जाति, आवासीय, आय प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है. इस वजह युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. प्रमाण पत्रों के अभाव में किसी का किसी संस्थान में दाखिला रूका हुआ है, तो किसी का नियोजन. साथ ही दाखिल-खारिज वगैरह भी नहीं हो पा रहा है. जमीन का लगान रसीद भी नहीं कट पा रहा है. इस वजह से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि भी नहीं मिल पा रही है.

तोपचांची : दफ्तर का चक्कर लगा रहे अभ्यर्थी

तोपचांची प्रखंड सह अंचल कार्यालय में कर्मचारियों के हड़ताल के कारण वैसे विद्यार्थी जो नियोजन के लिए फॉर्म भरना चाहते हैं और उच्च शिक्षा के लिए अन्यत्र नामांकन कराना चाहते हैं, उन्हें बहुत परेशानी हो रही है. उनका जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है. आवेदन कर्मचारी, सीआई व सीओ के आइडी में गुजरने में कई दिनों का समय लगने से परेशान हैं. वैसे पीड़ित छात्र रोज कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन उनका काम नहीं हो रहा है. सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के कारण छात्र किससे बात करें, वैसा जिम्मेवार कर्मी या अधिकारी भी कार्यालय में नहीं रह रहे हैं.

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सीओ की आइडी में फंसे हैं ढेरो‍ं आवेदन

बाघमारा अंचल कार्यालय में आवेदन जमा करने वाले विद्यार्थियों का सीआइ एवं सीओ तत्काल आय, जाति, आवासीय तथा इडब्लू एस प्रमाण पत्र निकलवा रहे हैं. लेकिन जो आवेदन प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से आ रहे हैं. वे आवेदन कर्मचारियों की आइडी में पड़े हैं. क्योंकि 12 हल्का में से छह का काम सीआइ व छह हल्का का एक मात्र कर्मचारी विशेश्वर शर्मा कर रहे हैं. कर्मचारियों की लॉगिन में कितने आवेदन पड़े हैं उसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. सीओ की आइडी में करीब सैकड़ों प्रमाण पत्रों के आवेदन पड़े हैं, लेकिन सीओ के आइडी से रोजाना मात्र 50 से 80 आवेदनों का निष्पादन नहीं हो पा रहा है. क्योंकि जो ऑपरेटर इन आवेदनों का निष्पादन करता था, उसका स्थानांतरण दूसरे अंचल में हो गया है. वहीं जमीन म्यूटेशन का मामला भी लटका पड़ा हैं. क्योंकि भूमि के कागजात और भौतिक जांच नहीं हो पा रही है.

डीसी ने हड़ताली कर्मचारियों को दी चेतावनी

उपायुक्त संदीप सिंह ने एक विभागीय पत्र जारी कर चेतावनी देते हुए कर्मचारियों से कहा है कि असंवैधानिक तरीके से की गयी हड़ताल से आप आपस नहीं लौटते हैं तो अनुशासनात्मक कारवाई के लिए बाध्य होंगे.

क्या कहते हैं सीओ

इस संबंध में बाघमारा सीओ कमल किशोर सिंह ने बताया कि मेरे लॉगिन में जितने आवेदन फंसे हैं, उसे निकालने का प्रयास जारी है. लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से जो आवेदन उनकी लॉगिन में पड़े हैं, उस पर समय लग रहा है.

टुंडी : एक हजार से अधिक जाति, आवासीय के आवेदन पेंडिंग

अंचल में राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल का व्यापक असर पड़ा है. हड़ताल के कारण दर्जनों की संख्या में दाखिल खारिज का काम जहां पेंडिंग हैं, वहीं विद्यार्थियों का जाति, आवासीय प्रमाण पत्र भी एक हजार से अधिक पेंडिंग हैं. अंचलाधिकारी एजाज हुसैन अंसारी ने बताया कि वह सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में व्यस्त हैं. अंचल के सभी लोग उसी में लगे हुए हैं. इसलिए एक्चुअल आंकड़ा तो नहीं दे सकते हैं, लेकिन एक अनुमान के अनुसार हड़ताल के कारण दाखिल खारिज का आवेदन मात्र 60 से 70 पेंडिंग है, जबकि स्कूली बच्चों का जाति, आवासीय हजार से पंद्रह सौ के बीच पेंडिंग हैं. सोमवार से गोविंदपुर के अंचल निरीक्षक को सप्ताह में एक दिन डिपुटेशन में दिया गया है.

निरसा अंचल का काम-काज ठप

निरसा अंचल में प्रमाण पत्र बनाने का काम पूर्ण रूप से ठप है. पीएम किसान योजना, दाखिल खारिज, ऑनलाइन डाटा एंट्री, आय, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र इत्यादि का कार्य पूरी तरह बाधित है. सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चलने के कारण अंचल में कोई भी पदाधिकारी मौजूद नहीं हैं. फोन पर बात करने पर पता चला कि आज अंचल कार्यालय में हल्का 4 के कर्मचारी शिशिर कुमार रजक एवं 8 के द्वारका दास अंचल पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि हमलोग अपना अटेंडेंस नहीं बनाये हैं. संभवत एक-दो दिन में योगदान करेंगे. सहयोग के लिए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के लिए कैंप में हैं. इतने दिनों से अंचल में जो आवेदन पड़े हुए हैं, उनके लौटने के बाद कामकाज का बोझ काफी बढ़ जायेगा.

गोविंदपुर : दाखिल-खारिज के 2440 आवेदन लंबित

गोविंदपुर अंचल में 2022 – 23 वित्तीय वर्ष में दाखिल खारिज के लिए लगभग 7670 आवेदन पड़े हैं. इसमें से लगभग 2430 आवेदन लंबित हैं .लगभग 2680 आवेदन रिजेक्ट कर दिये ये हैं. लगभग 200 आवेदनों को ऑब्जेक्ट में डाल दिया गया है. कायम जमाबंदी को आनलाइन करने, जमीन मापी व अनापत्ति प्रमाण पत्र के आवेदन हजारों की संख्या में है. इनका निष्पादन नहीं हुआ है. गोविंदपुर अंचल में 10 हल्का है. यहां सात राजस्व कर्मचारी पदस्थापित हैं. इसमें से छह राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर गये थे. अभी तीन दिन पहले दो राजस्व कर्मचारी हड़ताल से वापस लौट गये. हड़ताल में आम जनता का कार्य प्रभावित न हो इसलिए अंचल अधिकारी ने राज्य सरकार के निर्देश पर अंचल निरीक्षक एवं हड़ताल से बाहर रहे राजस्व कर्मचारी अलाउद्दीन अंसारी को पांच – पांच हल्का का प्रभार दिया था. बावजूद यहां दाखिल खारिज व जमीन संबंधी सैकड़ों मामले लंबित हैं. जाति ,आवासीय एवं आय प्रमाण पत्र के भी सैकड़ों मामले लंबित हैं.

लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन होगा

अंचल अधिकारी रामजी वर्मा ने कहा कि हड़ताल में कार्य प्रभावित न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गयी थी. दो राजस्व कर्मचारी हड़ताल से वापस आ गये हैं .लंबित कार्यों का शीघ्र ही निष्पादन किया जायेगा. लंबित जाति ,आवासीय एवं आय प्रमाण पत्र भी निष्पादित कर दिए जायेंगे.

बलियापुर : जरूरी होने पर मैनुअल बनाया जा रहा है छात्रों का प्रमाण पत्र

राजस्व कर्मियों की बेमियादी हड़ताल के कारण बलियापुर अंचल से संबंधित कार्य कराने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे अधिक परेशानी जाति, आय, आवासीय सहित जमीन संबंधित कागजात बनाने को लेकर हो रही है. सीओ रामप्रवेश कुमार का कहना है कि बलियापुर अंचल के चार राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से कामकाज पर काफी असर पड़ा है. जरूरी जाति आवासीय प्रमाण पत्र मैन्युअल कर दिया जा रहा है. छात्र-छात्राएं परेशान न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है. एक दो दिनों में हड़ताल समाप्त होने की संभावना है.

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