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गांव की सरकार : गुमला में सियासी रूप लेने लगा पंचायत चुनाव, जिला परिषद सीट पर पार्टी नेताओं की खास नजर

Updated at : 29 Apr 2022 8:30 PM (IST)
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गांव की सरकार : गुमला में सियासी रूप लेने लगा पंचायत चुनाव, जिला परिषद सीट पर पार्टी नेताओं की खास नजर

गुमला में पंचायत चुनाव धीरे-धीरे सियासी रूप लेने लगा है. कई पार्टियां प्रत्याशियों के पक्ष में खुलकर सामने आ गये हैं, तो कुछ परदे के पीछे से चुनाव की जोड़-घटाव में लगे हैं. इसका असर जिला परिषद के चुनाव में देखने को मिल रहा है.

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Jharkhand Panchayat Chunav 2022: गुमला में पंचायत चुनाव सियासी रूप लेने लगा है. जिला परिषद सीट के लिए भाजपा और आजसू पार्टी चुनाव मैदान में खुलकर सामने आ गयी है. जबकि कांग्रेस और झामुमो परदे के पीछे है. कोई भी उम्मीदवार पार्टी लेबल से चुनाव नहीं लड़ रहा, लेकिन कुछ उम्मीदवारों को पार्टी का समर्थन मिल रहा है. भाजपा तो एक सीट से खड़े दो नेताओं में से एक नेता का नामांकन वापस भी करा दी है. एक सीट पर बात चल रही है. भाजपा चाहती है कि विधानसभा सीट में गुमला जिला के तीनों सीट गंवाने का बदला जिला परिषद के चुनाव में जीत कर चुकता करे. वहीं, आजसू पार्टी भी पूरे तेवर में चुनाव मैदान में है. दूसरी ओर, झामुमो चुनावी पत्ता खोलने को तैयार नहीं. वेट एंड वाच पर झामुमो है. वहीं, कांग्रेस भी वेट एंड वाच पर है. कांग्रेस के कौन उम्मीदवार नामांकन कर रहा है. पार्टी के बड़े नेता इसपर नजर रखे हुए है.

भाजपा के अंदरखाने सबकुछ ठीक नहीं

भाजपा की बात करें, तो चुनाव मैदान में खड़े कई उम्मीदवार भाजपा के कद्दावार नेता हैं. पार्टी में पदधारी भी हैं. कई पदधारी नेता चुनाव लड़ रहे हैं या फिर अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारे हैं. सिसई प्रखंड से जिला के एक पदाधिकारी चुनाव मैदान में हैं, जबकि गुमला प्रखंड के मध्य क्षेत्र से भाजपा के एक बड़े नेता की मां एवं पूर्वी क्षेत्र से भाजपा के बड़े नेता की पत्नी चुनाव मैदान में हैं. वहीं, घाघरा प्रखंड से भी भाजपा के एक बड़े नेता की पत्नी चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं. हालांकि, गुमला जिला भाजपा के अंदरखाने में कुछ ठीक नहीं चल रहा. जिला कमेटी पर मुंह देखकर समर्थन करने आरोप लग रहा है. बहरहाल, गुमला जिला भाजपा पंचायत चुनाव के हर एक सीट जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही है.

जिलाध्यक्ष की पत्नी के समर्थन में आजसू

आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष दिलीप नाथ साहू की पत्नी रोमा गुप्ता गुमला सीट से नामांकन करने के बाद प्रचार-प्रसार शुरू कर दी है. महिला सीट होने के कारण दिलीप नाथ साहू खुद चुनाव नहीं लड़कर अपनी पत्नी को मैदान में उतारे हैं. वहीं, दूसरी ओर आजसू पार्टी की पूरी टीम जिला अध्यक्ष की पत्नी को चुनाव जीताने के लिए चुनाव प्रचार में जुट गये हैं. यहां तक कि केंद्रीय सचिव भी चुनाव प्रचार में हैं और पूरी ताकत लगाते हुए पूर्वी क्षेत्र की सीट जीतने में लगे हुए हैं. आजसू पार्टी के नेता दूसरे प्रखंड की सीटों से भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. कुछ प्रखंडों में नामांकन चल रहा है. कुछ प्रखंडों में तीसरे व चौथे चरण में चुनाव है. इसलिए चुनाव लड़ने वाले नेता प्रचार प्रसार शुरू कर दिये हैं. बस नामांकन के लिए समय का इंतजार कर रहे हैं.

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गुमला में झामुमो पत्ता खोलने को तैयार नहीं

गुमला जिला के तीनों विधानसभा सीट गुमला, सिसई अौर बिशुनपुर से झामुमो के विधायक हैं. लेकिन, तीनों सीट पर झामुमो चुप्पी साधे हुए है. झामुमो के नेता कहलाने वाले कुछ लोग नामांकन किये हैं, लेकिन तीनों विधायकों की ओर से अभी तक उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला है. हालांकि, उम्मीदवार इस भरोसे पर हैं कि झामुमो का साथ मिलेगा. सभी उम्मीदवारों की उम्मीद सीटिंग विधायक पर है जो इस चुनाव में अपनी पार्टी के नेताओं की जीत का नैया पार कर सके. गुमला से झामुमो के एक उम्मीदवार ने अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है. लेकिन, अभी तक उसे झामुमो का साथ नहीं मिला है. हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दूसरी पार्टी के नेता गुमला विधायक के पास समर्थन के लिए दौड़ लगा रहे हैं. विधायक अभी वेट एंड वाच पर हैं. विधायक काम करने वाले उम्मीदवारों की पहचान करने में लगे हैं.

कांग्रेस : मंत्री ने कहा, पंचायत चुनाव पर नो कॉमेंट

इधर, कांग्रेस पार्टी अभी तक चुनाव मैदान में नहीं उतरी है. न ही उसके कोई पदाधिकारी चुनाव में दिलचस्पी दिखाते नजर आ रहे हैं. हालांकि कांग्रेस के कुछ नेता चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. गुमला में दो दिन पहले पहुंचे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने पंचायत चुनाव के सवाल पर नो कॉमेंट कहा है. उन्होंने कहा है कि अभी आचार संहिता है. चुनाव के संबंध में मेरा बयान देना उचित नहीं होगा. इसलिए चुप रहने में ही भलाई है. हालांकि, कांग्रेस के एक उम्मीदवार ने अपनी मां को चुनाव मैदान में उतारा है. वह मंत्री से आशीर्वाद लेने पहुंचा था, लेकिन मंत्री चुप रहे. ऐसे में कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि जिला परिषद सीट में खड़ा होने वाले उम्मीदवारों को पार्टी की ओर से कुछ मदद करने की उम्मीद है.

रिपोर्ट : दुर्जय पासवान, गुमला.

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