Jharkhand News : हजारीबाग पुलिस अकादमी मामला- माफियाओं ने बेच दी थी पुलिस विभाग की सरकारी जमीन, अब होगी जांच, जानें पूरा मामला

Updated at : 12 Apr 2021 6:46 AM (IST)
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Jharkhand News : हजारीबाग पुलिस अकादमी मामला- माफियाओं ने बेच दी थी पुलिस विभाग की सरकारी जमीन, अब होगी जांच, जानें पूरा मामला

ज्ञात हो कि पुलिस अकादमी के अफसरों को 11 दिसंबर 2020 को सूचना मिली थी कि आरक्षी बाल विद्यालय/ आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र की जमीन पर राजेश कुमार सिंह समेत कुछ लोग कब्जे की मंशा से साफ-सफाई करा रहे हैं, जिसके बाद उन्हें वहां काम करने से रोका गया. मामले की जांच के लिए पुलिस अकादमी के डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था.

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Jharkhand News, Hazaribagh News, Hazaribagh Police Academy land case हजारीबाग : झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग (पीटीसी) के लिए 1947-48 में पुलिस विभाग की ओर से अधिग्रहित जमीन के कुछ हिस्सों को भू-माफियाओं ने बेच दिया. वहीं सरकारी कर्मियों की मिलीभगत से जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली. इस मामले में डीजीपी नीरज सिन्हा ने सीआइडी एडीजी अनिल पालटा को पूरे मामले की जांच कराने का आदेश दिया है. मामले को लेकर झारखंड पुलिस अकादमी के इंस्पेक्टर बंधन भगत की लिखित शिकायत पर 20 मार्च 2021 को हजारीबाग के लोहसिंहना थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.

ज्ञात हो कि पुलिस अकादमी के अफसरों को 11 दिसंबर 2020 को सूचना मिली थी कि आरक्षी बाल विद्यालय/ आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र की जमीन पर राजेश कुमार सिंह समेत कुछ लोग कब्जे की मंशा से साफ-सफाई करा रहे हैं, जिसके बाद उन्हें वहां काम करने से रोका गया. मामले की जांच के लिए पुलिस अकादमी के डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था.

जांच टीम ने क्या पाया :

टीम ने जांच के दौरान 22 दिसंबर 2020 को नापी करायी और जमीन की घेराबंदी करा दी. इस क्रम में टीम को जानकारी मिली कि कुछ जमीन की रजिस्ट्री भू-माफियाओं ने सरकारी कर्मियों की मिलीभगत से करा ली है. कुछ भूमि पर सेवानिवृत्त अर्मोरर सूबेदार तरसियुस एक्का ने अवैध कब्जा कर घर बना लिया है. इस पूरे मामले में पुलिस मुख्यालय ने जांच एसीबी या सीआइडी से कराने की अनुशंसा की थी, जिसके आधार पर डीजीपी ने रिपोर्ट मांगी थी.

लेकिन छह दिसंबर 2020 को शमीम खान एवं अन्य लोगों की ओर से ट्रेनिंग सेंटर की जमीन पर कब्जा का प्रयास किया गया था. जांच में यह भी बात सामने आयी कि कल्याण दयाल, जो ट्रेनिंग सेंटर में 1978 में लिपिक थे, उनके पास सभी कागजात रहते थे. वर्तमान में उनकी मौत हो चुकी है, लेकिन उन्होंने जालसाजी कर पत्नी एवं बच्चों के नाम पर भूमि का निबंधन व दाखिल-खारिज करा ली है,

  • डीजीपी ने दिया सीआइडी एडीजी को जांच का आदेश

  • भू-माफियाओं ने सरकारी कर्मियों की मिलीभगत से जमीन की करा ली रजिस्ट्री

जांच में जमीन बेचने व खरीदने के मिले सबूत

जांच में पाया गया कि अफजल खान, नेजाम व अनीश खान ने रीता कुमारी, रेणु देवी, श्वेता राणा, अनिल कुमार, मंजू देवी व आदित्य को जमीन बेची है. दूसरी ओर रशीद खान ने राजेश कुमार और वकील कुमार मेहता को जमीन बेची है. सुनील कुमार प्रसाद ने डॉ शीला सिन्हा, दुर्गेश कुमार को जमीन बेची है. पूनम सिन्हा ने जमीन की बिक्री बालकृष्ण से की है. गेनसी देवी ने जमीन की बिक्री विनय कुमार सिन्हा, इंदुबाला और कल्याण दयाल से की है. वहीं सेवानिवृत्त अर्मोरर सूबेदार तरसियुस ने वहां मकान बनाया है.

Posted By : Sameer Oraon

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