Jharkhand Economic Survey: इन वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था से ज्यादा तेजी से बढ़ी झारखंड की इकॉनोमी

Jharkhand Economic Survey|झारखंड की अर्थव्यवस्था की बात करें, तो यह पिछले 21 साल में कम से कम 5 बार 10 फीसदी से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ी. वर्ष 2007-08 में तो इसकी रफ्तार 20.5 फीसदी दर्ज की गयी. वर्ष 2010-11 में जब भारत सरकार की जीडीपी सरपट दौड़ रही थी.
Jharkhand Economic Survey: झारखंड देश के सबसे पिछड़े राज्यों में एक है. लेकिन, अर्थव्यवस्था की वृद्धि की रफ्तार के मामले में कई बार इसने भारत सरकार को भी मात दे दिया है. भारत सरकार की अधिकतम जीडीपी वृद्धि दर (GDP Growth Rate) वर्ष 2010-11 में थी. इस वर्ष भारत की अर्थव्यवस्था में 10.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की यी थी. इसके पहले या इसके बाद कभी भारत की अर्थव्यवस्था के बढ़ने की रफ्तार 10 फीसदी से अधिक नहीं रही. हालांकि, वर्ष 2005-06, वर्ष 2006-07, वर्ष 2007-08 में यह रफ्तार क्रमश: 9.3 फीसदी, 9.3 फीसदी और 9.8 फीसदी तक रही. वहीं, वर्ष 2020-21 की बात करें, तो रफ्तार नकारात्मक हो गयी. इस वर्ष जीडीपी में 7.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी.
दूसरी तरफ, झारखंड की अर्थव्यवस्था की बात करें, तो यह पिछले 21 साल में कम से कम 5 बार 10 फीसदी से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ी. वर्ष 2007-08 में तो इसकी रफ्तार 20.5 फीसदी दर्ज की गयी. वर्ष 2010-11 में जब भारत सरकार की जीडीपी सरपट दौड़ रही थी, उस वक्त झारखंड की जीएसडीपी 15.9 फीसदी की दर से बढ़ी. वर्ष 2014-15 में यह दर 12.5 फीसदी, वर्ष 2016-17 में 10.5 फीसदी रही थी. वर्ष 2001-02 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि की दर 6.8 फीसदी आंकी गयी थी, जो देश की अर्थव्यवस्था से ज्यादा तेजी से बढ़ने वाली इकॉनोमी थी.
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वर्ष 2012-13, वर्ष 2017-18, वर्ष 2018-19 और वर्ष 2020-21 में भी झारखंड की इकॉनोमी में वृद्धि की दर भारत की तुलना में ज्यादा रही. इन वर्षों में झारखंड की इकॉनोमी के बढ़ने की रफ्तार क्रमश: 8.2 फीसदी, 9 फीसदी, 8.9 फीसदी और -4.7 फीसदी रही. बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से वर्ष 2020-21 में देश की अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी थी. वहीं, झारखंड की अर्थव्यवस्था में सिर्फ 4.7 फीसदी की गिरावट आयी थी. यानी इस वैश्विक संकट के दौरान झारखंड सरकार का नुकसान भारत सरकार की तुलना में कम रहा.
| अर्थव्यवस्था में वृद्धि की दर | ||
|---|---|---|
| वर्ष | झारखंड | भारत |
| 2001-02 | 6.8 | 5.2 |
| 2002-03 | 2.5 | 3.8 |
| 2003-04 | 8 | 8.4 |
| 2005-06 | 3.2 | 9.3 |
| 2006-07 | 2.4 | 9.3 |
| 2007-08 | 20.5 | 9.8 |
| 2008-09 | -1.7 | 3.9 |
| 2009-10 | 10.1 | 8.5 |
| 2010-11 | 15.9 | 10.3 |
| 2011-12 | ||
| 2012-13 | 8.2 | 5.5 |
| 2013-14 | 1.6 | 6.4 |
| 2014-15 | 12.5 | 7.4 |
| 2015-16 | -6.2 | 8 |
| 2016-17 | 10.5 | 8.3 |
| 2017-18 | 9 | 6.8 |
| 2018-19 | 8.9 | 6.5 |
| 2019-20 | 4 | 4 |
| 2020-21 | -4.7 | -7.3 |
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लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
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