India vs Afghanistan : दोपहर दो बजे भिड़ेगी भारत और अफगानिस्तान की टीम, ये हो सकते हैं प्लेइंग इलेवन...
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 11 Oct 2023 11:59 AM
आज के मुकाबले में ओपनर शुभमन गिल नहीं खेलेंगे क्योंकि वे डेंगू से स्वस्थ नहीं हो पाए हैं. इसलिए आज भी ओपनिंग का मौका ईशान किशन को ही मिलेगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किशन और श्रेयस अय्यर खराब शॉट खेलकर आउट हुए थे
भारत और अफगानिस्तान के बीच आज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में विश्वकप का मैच खेला जाएगा. यह मैच भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर उसे टूर्नामेंट में बने रहना है तो उसे प्वाइंट टेबल में अपनी जगह ऊपर बनानी होगी, अभी इंडिया प्वाइंट टेबल में चौथे स्थान पर है और उससे ऊपर पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीम है. अफगानिस्तान की टीम भारत के सामने बहुत कमजोर मानी जाती है, ऐसे में अगर भारत उसे बड़े अंतर से हराया तो टीम की स्थिति प्वाइंट टेबल में बेहतर हो जाएगी, जो विपरीत परिस्थितियों में टीम के काम आ सकती है.
आज के मुकाबले में ओपनर शुभमन गिल नहीं खेलेंगे क्योंकि वे डेंगू से स्वस्थ नहीं हो पाए हैं. इसलिए आज भी ओपनिंग का मौका ईशान किशन को ही मिलेगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किशन और श्रेयस अय्यर खराब शॉट खेलकर आउट हुए थे जिससे भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिल सकी. उन्हें इस बार इस गलती से पार पाना होगा. दिल्ली के ग्राउंड पर भारत तीन स्पिनर की जगह दो स्पिनर के साथ खेलेगा, ऐसे में संभव है कि अश्विन आज टीम में ना हों, मोहम्मद शमी को मौका मिल सकता है. दिल्ली विराट कोहली का होम ग्राउंड है इसलिए उनके लिए आज फिर एक बेहतरीन मौका है, वे सचिन तेंदुलकर के रिकाॅर्ड की बराबरी करने से महज दो शतक दूर हैं.
वहीं अफगानिस्तान की टीम भी भारत के खिलाफ अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी. भारत और अफगानिस्तान वनडे फाॅर्मेट में केवल तीन बार एक-दूसरे से भिड़े हैं. भारत ने दो मैच जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा. दोनों पक्षों के बीच आखिरी वनडे मुकाबला इंग्लैंड में 2019 विश्व कप में हुआ था. जानिए आज भारत और अफगानिस्तान के प्लेइंग इलेवन में कौन-कौन हो सकता है शामिल.
भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), ईशान किशन, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद शमी, सूर्यकुमार यादव, शार्दुल ठाकुर.
अफगानिस्तान: हशमतुल्लाह शाहिदी, रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, रियाज हसन, रहमत शाह, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद नबी, इकराम अलीखिल, अजमतुल्ला उमरजई, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, अब्दुल रहमान और नवीन उल हक.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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