EVM को हिंदी में क्या कहते हैं? जानें कैसे करता है ये काम

Published by : Shaurya Punj Updated At : 03 Nov 2022 6:08 PM

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चुनाव आयोग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गुजरात विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. राज्य में दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे और नतीजे 8 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश चुनाव के साथ ही घोषित होंगे. चुनाव में ईवीएम मशीन की बड़ी भूमिका होती है. यहां जानें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बारे में

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ईवीएम यानी (EVM) इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन एक आधुनिक मशीन है. जिसका उपयोग भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाता है जब भारत में चुनाव होते हैं मशीन के ऊपर कुछ बटन मौजूद होते हैं. वह बटन चुनाव में खड़े उम्मीदवारों और राजनितिक दलों के अनुरूप छापे जाते हैं साथ ही इस मशीन का पूर्ण रूप से नियंत्रण बूथ अधिकारी के पास होता है व उसके द्वारा ही इसे संचालित भी किया जाता है.

जानें भारतीय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इतिहास

पहले भारतीय ईवीएम का आविष्कार 1980 में “एम बी हनीफा” के द्वारा किया गया था जिसे उसने “इलेक्ट्रॉनिक संचालित मतगणना मशीन” के नाम से 15 अक्तूबर 1980 को पंजीकृत करवाया था. एकीकृत सर्किट का उपयोग कर “एम बी हनीफा” द्वारा बनाये गये मूल डिजाइन को तमिलनाडु के छह शहरों में आयोजित सरकारी प्रदर्शनियों में जनता के लिए प्रदर्शित किया गया था.

ईवीएम की संरचना और तकनीक

एक ईवीएम में दो भाग होते हैं- नियंत्रण इकाई और मतदान इकाई. दोनों भाग एक पांच मीटर लंबे केबल से जुड़े होते हैं. नियंत्रण इकाई, “पीठासीन अधिकारी” या “मतदान अधिकारी” के पास रहता है जबकि मतदान इकाई को मतदान कक्ष के अंदर रखा जाता है. मतदाता को मतपत्र जारी करने के बजाय नियंत्रण इकाई के पास बैठा अधिकारी मतदान बटन (Ballot Button) को दबाता है. जिसके बाद मतदाता “मतदान इकाई” पर अपने पसन्द के उम्मीदवार के नाम और चुनाव चिह्न के सामने अंकित नीले बटन को दबाकर मतदान करता है.

साल 1980 में हुआ ईवीएम का अविष्कार

साल 1980 में एम बी हनीफा द्वारा ईवीएम का अविष्कार किया गया था. इसका पंजीकरण 15 अक्तूबर 1980 को चुनाव आयोग द्वारा करवाया गया. सबसे पहले तमिलनाडु में आयोजित होने वाली सरकारी प्रदर्शनी में देश की जनता ने ईवीएम को देखा था. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की मदद से इसे बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई. सबसे पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल साल 1982 में हुआ. केरल के परावुर विधानसभा के 50 मतदान केंद्रों पर सबसे पहले इससे वोट डाले गए थे. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस चुनाव में भी एक उम्मीदवार ने अपनी हार का जिम्मेदार ईवीएम को बताया था.

हिंदी में क्या है ईवीएम का नाम?

सबसे पहले हम आपको EVM का फुल फॉर्म बताते हैं. EVM का फुल फॉर्म है ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन'(Electronic Voting Machine). जहां EVM को अंग्रेजी भाषा में Electronic Voting Machine कहा जाता है. वहीं हिंदी भाषा में इसे ‘मतदाता वोटिंग यंत्र’ कह सकते हैं. इसे भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (BEL), बैंगलोर एवं इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया एवं हैदराबाद के सहयोग से तथा निर्वाचन आयोग के द्वारा तैयार किया जाता है. हालांकि चुनाव आयोग ने इसका हिंदी में कोई ऑफिशियल नाम नहीं बताया है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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