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Gadar की रिलीज के वक्त थियेटर्स में फेंकी गई थी कांच की बोतलें, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

Updated at : 16 Feb 2023 11:20 PM (IST)
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Gadar की रिलीज के वक्त थियेटर्स में फेंकी गई थी कांच की बोतलें, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म गदर 2 का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. फिल्म का पहला पार्ट ब्लॉकबस्टर था, हालांकि अब डायरेक्टर अनिल शर्मा ने बताया है कि गदर की रिलीज के वक्त काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. लोगों ने थियेटर्स में आग लगा दिया था, कई ने तो कांच की बोतलें भी फेंकी थी.

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Gadar: साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म गदर-एक प्रेम कथा को फैंस का ढेर सारा प्यार मिला था, ये फिल्म उस समय की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक थी. सकीना और तारा सिंह की रोमांटिक केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई थी, इसके अलावा तारा सिंह का हैंडपंप उखाड़ना हो या फिर दमदार डायलॉग हर सीन पर खूब सीटियां बजी थी. हालांकि उस समय फिल्म को कई तरह की कॉन्ट्रोवर्सी का भी सामना करना पड़ा था. डायरेक्टर अनिल शर्मा ने इसके बारे में खुलकर बात की है.

पहले भी चलता था बायकॉट ट्रेंड

पिछले कुछ समय से बॉलीवुड इंडस्ट्री में बायकॉट मोमेंट चल रहा है. जिसकी वजह से फिल्मों पर इसका काफी असर देखने को मिल रहा है. इसपर आजतक से बात करते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि हां अब सोशल मीडिया है, जैसे ट्विटर, इंस्टाग्राम हो गया. इसपर बातें काफी जल्दी पहुंच जाती है. पहले ये सब नहीं हुआ करता था. लोग दुकान पर खड़े होकर या फिर रोड पर एक दूसरे से बात करते हुए अपनी चीजें रखा करते थे.

गदर के रिलीज के दौरान थियेटर्स में लोगों ने लगा दी थी आग

अनिल शर्मा ने गदर की रिलीज के दौरान का एक किस्सा शेयर किया. जिसमें उन्होंने बताया कि जब गदर रिलीज हुई थी, तो बड़ा हंगामा हुआ था. कई लोगों ने थियेटर्स को आग लगा दी थी. भोपाल, हैदराबाद के कई थिएटर्स को आग के हवाले कर दिया गया था. लंदन के थिएटर्स में तो बियर की बोतलें लेकर लोग अंदर चले गए थे और सभी शीशे फोड़ने शुरू कर दिए थे. दरअसल कुछ लोगों को उस वक्त गलतफहमी हो गई थी कि ये फिल्म एंटी मुस्लिम है, जिसकी वजह से ये सब हंगामा हुआ. हमने ये फिल्म किसी भी धर्म को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं बनाई.

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पुलिस को थियेटर्स के बाहर किया गया तैनात

गदर की रिलीज के दौरान हुए बवाल को याद करते हुए अनिल बताते हैं, हर सिनेमा थिएटर के बाहर 50 पुलिस फोर्स तैनात रहती थी. हर 6 घंटे में पुलिस वालों की ड्यूटी बदलती थी. रोजाना आठ-आठ शोज होते थे. 24 घंटे फिल्म चलती थी. फिल्म जब रिलीज हुई थी, तो लगभग साढ़े पांच करोड़ ऑडियंस थिएटर पहुंची थी. फिल्म ने एक इतिहास रच दिया था. आज भी फिल्म को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता जस के तस है. मैं अभी किसी फंक्शन से आ रहा था, तो दो महिलाओं ने मुझसे आकर पूछा सकीना फिल्म में होगी न. गदर एक फिल्म नहीं बल्कि इमोशन बन चुका है.

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Ashish Lata

लेखक के बारे में

By Ashish Lata

आशीष लता, प्रभात खबर.कॉम में एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं. फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी बड़ी खबरों को ब्रेक करने से लेकर बेबाक विश्लेषण और ट्रेंडिंग रिपोर्टिंग में इनकी खास पहचान है. इनका लेखन फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, कलाकारों के इंटरव्यू और गॉसिप अपडेट्स तक फैला हुआ है. मनोरंजन की दुनिया को दर्शकों की नब्ज के हिसाब से सरल और रोचक अंदाज में पेश करना इनकी विशेषता है.

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