बंगाल : पूर्व सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य की सेहत में सुधार, अस्पताल से मिली छुट्टी

Published by : Shinki Singh Updated At : 09 Aug 2023 12:30 PM

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बुद्धदेव काे घर में चिकित्सकों की देखरेख में ही रहना होगा. अस्पताल के सुझाव पर घर में उनकी देखरेख की व्यवस्था कर दी गयी है. सूत्रों के मुताबिक, जिस कमरे में पूर्व मुख्यमंत्री रहते हैं, वहां बेड साइड मॉनिटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेब्युलाइजर रखने के अलावा कीटाणुशोधन भी लगाया गया है.

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पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य की सेहत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. अब उनके फेफड़ों में संक्रमण नहीं है. 12 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. उन्हें स्ट्रेचर पर एंबुलेंस में ले जाया गया. उनके साथ डॉक्टर और पत्नी मीरा भट्टाचार्य भी थीं. लेकिन अभी उन्हें कड़ी निगरानी में रखना होगा. अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के लिए घर जाते समय भी डाॅक्टरों की एक टीम तैनात की गई थी. जब बुद्धदेव घर पहुंचे, तब भी एक डॉक्टर उनके घर पर मौजूद थे. अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि बुद्धदेव एक महीने तक होम केयर सपोर्ट पर रहेंगे.

घर में भी चिकित्सकों की देखरेख में रहेंगे बुद्धदेव

अस्पताल में हुए मेडिकल बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आज बुद्धदेव को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. हालांकि उन्हें घर में भी चिकित्सकों की देखरेख में ही रहना होगा. अस्पताल के सुझाव पर घर में उनकी देखरेख की व्यवस्था कर दी गयी है. सूत्रों के मुताबिक, जिस कमरे में पूर्व मुख्यमंत्री रहते हैं, वहां बेड साइड मॉनिटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेब्युलाइजर रखने के अलावा कीटाणुशोधन भी लगाया गया है. हालांकि बुद्धदेव की हालत फिलहाल पहले से काफी बेहतर स्थिति में है.

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बुद्धदेव के संक्रमण का एक कारण उनका एक कमरे का घर

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, बुद्धदेव के संक्रमण का एक कारण उनका एक कमरे का घर है. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री उस घर से हटने को तैयार नहीं हैं. इसलिए, कमरे को कीटाणुरहित कर दिया गया है और उनके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति रखी गयी है. माकपा नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि घर में देखभाल की व्यवस्था दुरूस्त कर दी गयी है. दूसरी ओर, अस्पताल सूत्रों के अनुसार ग्यारह दिनों तक बुद्धदेव की चिकित्सा करने वाले मेडिकल बोर्ड के 11 डॉक्टरों ने उनसे परामर्श शुल्क नहीं लेने का फैसला किया है. पूर्व मुख्यमंत्री के इलाज पर 11 दिनों में करीब साढ़े दस लाख रुपये खर्च आया है. इनमें से पांच लाख रुपये माकपा की ओर से भुगतान कर दिया गया है. पार्टी की ओर से शेष राशि का भुगतान भी किया जायेगा.

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 मीरा भट्टाचार्य ने कहा : जनता की प्रार्थना से जल्द स्वस्थ्य हुए बुद्धदेव

बुद्धदेव भट्टाचार्य की पत्नी मीरा भट्टाचार्य ने कहा कि जनता की प्रार्थना की वजह से बुद्धदेव की सेहत में सुधार हुआ है. बुद्धदेव के घर आने के बाद भी उन्हें कड़ी निगरानी में रखा जाएगा. जिस तरह से सभी लोगों ने बुद्धदेव का ख्याल रखा और उनके साथ खड़े रहे, उसके लिए मीरा ने सभी को धन्यवाद दिया. हालांकि घर में भी बुद्धदेव डाॅक्टरों की निगरानी में ही रहेंगे. गौरतलब है कि अस्पताल में बुद्धदेव भट्टाचार्य से मिलने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पहुंची थी. इस दौरान उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कमाना भी की थी.

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बुद्धदेव की सीओपीडी समस्या काफी लंबे समय से बनी हुई है

बुद्धदेव की सीओपीडी समस्या काफी लंबे समय से बनी हुई है. वर्ष 2021 में वह कोरोना से भी संक्रमित हो गए थे. 18 मई 2021 को बुद्धदेव कोरोना के कारण आइसोलेशन में थे. उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने पर उन्हें उसी साल 25 मई को अलीपुर के इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 2 जून 2021 को बुद्धदेव को अलीपुर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. इसके बाद वह कुछ दिनों तक सीआईटी रोड स्थित एक नर्सिंग होम में थे.

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वर्ष 2000 से 2011 तक रहें बंगाल के सीएम

बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योति बसु के स्थान पर 2000 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था. वह 2011 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे. साल 2011 में राज्य की सत्ता गंवाने के बाद भट्टाचार्य नीत मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सत्ता में दोबारा वापसी नहीं कर पाई. हालांकि उन्होंने बंगाल के लिये कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की थी.

34 सालों के शासन को खत्म कर तृणमूल कांग्रेस आई सत्ता में

राज्य में माकपा के 34 सालों के शासन को खत्म कर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता में आई और ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं. बुद्धदेव भट्टाचार्य लंबे समय से खराब सेहत के कारण सार्वजनिक जीवन से दूर हैं. उन्होंने 2015 में माकपा की सेंट्रल कमेटी से इस्तीफा दे दिया था और फिर 2018 में पार्टी के राज्य सचिवालय की सदस्यता भी छोड़ दी थी. गौरतलब है कि खराब सेहत के कारण ही वह राजनीति से भी काफी दूर हो गये.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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