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वाराणसी: इंजीनियर ने ग्राइंडर मशीन से काटा अपना गला, जानें आखिरकार क्यों उठाया आत्मघाती कदम

Updated at : 11 May 2023 5:51 PM (IST)
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वाराणसी: इंजीनियर ने ग्राइंडर मशीन से काटा अपना गला, जानें आखिरकार क्यों उठाया आत्मघाती कदम

वाराणसी से एक रूह कपा देने वाला मामला सामने आया है. चितईपुर क्षेत्र के सुंदरपुर चौकी के पास पाल बस्ती में गुरुवार को एक युवक ने सोफे पर बैठकर ग्लैडर मशीन (लकड़ी काटने वाली मशीन) से गला रेत कर आत्महत्या कर ली.

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Varanasi : यूपी के वाराणसी से एक रूह कपा देने वाला मामला सामने आया है. चितईपुर क्षेत्र के सुंदरपुर चौकी के पास पाल बस्ती में गुरुवार को एक युवक ने सोफे पर बैठकर ग्लैडर मशीन (लकड़ी काटने वाली मशीन) से गला रेत कर आत्महत्या कर ली. सूचना के बाद फील्ड यूनिट और चितईपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.

दरअसल, इंजीनियर विशाल पाल (28) बेंगलोर स्थित एक कंपनी में पत्थर जांचने का काम करता था. दो साल पूर्व नौकरी छोड़कर बनारस आ गया था. यहां पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए पढ़ाई कर रहा था. तभी से ही वह तनाव में रहता था. गुरुवार सुबह वो बाजार से सब्जी लेकर घर लौटा. इस दौरान निचले तल पर स्थित कमरे में कोई नहीं था. तभी सोफे पर बैठकर गले पर ग्लैडर मशीन चला लिया. घर में प्लाई का काम चल रहा था. इस कारण किसी को भनक नहीं लगी.

युवक का चल रहा था डिप्रेशन का इलाज

जब घर के लोगों ने चाय पीने के लिए आवाज लगाई तब विशाल ने कोई जवाब नहीं दिया. ऊपर के तल से नीचे पहुंचे परिवार के लोगों ने नजारा देखा तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई. सोफे पर खून ही खून था और विशाल औंधे मुंह गिरा हुआ था. उसका गला कटा था. पास में ही ग्लैडर मशीन चालू हालत में था. परिजनों की चीखपुकार सुनकर पास-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेसिंक टीम को भी बुलाया गया.

इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर रहा था PhD की तैयारी

युवक के पिता विजय नाथ ने बताया कि उनके बेटे का डिप्रेशन का इलाज चल रहा था. दवा से वह पूरी तरह से ठीक भी हो गया था. आज सुबह रोज की तरह रनिंग करने के बाद घर वापस आया था. घर का सामान लेने बाजार गया था. उन्होंने आगे बताया कि विशाल ने BHU से M.SC किया था और पढ़ाई करके 2020 में उसकी छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग में जॉब लग गई थी. लेकिन वह नौकरी छोड़कर फिर से वाराणसी आ गया था और PhD की तैयारी कर रहा था.

पुलिस ने शव को भिजवाया पोस्टमॉर्टम के लिए

विशाल दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा था. बड़ा भाई लोको पायलट है. बहन की शादी हो चुकी है. पिता बीएचयू से रिटायर हो चुके हैं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना से कॉलोनी के लोग भी मर्माहत हैं. चितईपुर SHO का कहना है कि मामला डिप्रेशन में सुसाइड करने का लग रहा है. जांच की जा रही है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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Sandeep kumar

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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