यूपी के कुछ जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर हाई कोर्ट गंभीर, 10 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

Kolkata: Health workers wearing protective suits walk on a street during their door-to-door survey to detect COVID-19 positive cases amid a nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in Kolkata, Monday, April 20, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI20-04-2020_000175B)
Coronavirus In UP उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलावा गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और कानपुर नगर जैसे कुछ जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इन जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को कोविड-19 मामलों पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करते हुए हलफनामा दाखिल करने का बुधवार को निर्देश दिया.
Coronavirus In UP उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलावा गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और कानपुर नगर जैसे कुछ जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इन जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को कोविड-19 मामलों पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करते हुए हलफनामा दाखिल करने का बुधवार को निर्देश दिया.
कोविड-19 से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा, “जहां तक ऊपर दिए गए जिलों का संबंध है, कोरोना के सक्रिय मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए यह स्पष्ट है कि पुलिस उतनी कार्रवाई नहीं कर रही है जितनी कार्रवाई आवश्यक है.”
अदालत ने कहा, “यद्यपि अपर महाधिवक्ता ने यह जानकारी दी है कि उक्त जिलों में सीपीसी की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गयी है, हम पाते हैं कि इन जिलों में कोविड-19 के सक्रिय मामलों में निश्चित बढ़ोतरी हो रही है और इसके मद्देनजर राज्य सरकार, जिला प्रशासन के साथ मिलकर ऐसे कदम उठा सकती है जिससे कोविड-19 के के बढ़ते मामलों को रोका जा सके.”
इस मुद्दे पर बार से सुझाव मिलने के बाद अदालत ने निर्देश दिया कि इन जिलों में, जहां सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं वहां शत प्रतिशत मास्क पहनना सुनिश्चित किया जाना चाहिए. अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इन जिलों की सीमाओं पर चौकसी होनी चाहिए जिससे राज्य के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से इन जिलों में आने वाले लोगों की उचित जांच हो सके.
अदालत ने कहा कि कोरोना से अधिक प्रभावित इन जिलों में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई जायें. “इस संबंध में जांच और सुधार की दर के आंकड़े इस अदालत को 10 दिसंबर, 2020 तक उपलब्ध कराए जा सकते हैं.” अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 दिसंबर, 2020 तय की.
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