सीएम प्रमोद सावंत की सफाई : 'गोवा में मैं पर्रिकर की विरासत को नहीं कर रहा खत्म, अफवाह फैला रहे हैं लोग'
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Feb 2022 9:18 AM
एक साक्षात्कार में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि कुछ लोग जो एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के राज्य में शीर्ष पद पर पहुंचने से खुश नहीं हैं, वे अफवाह फैला रहे हैं कि वह दिवंगत मनोहर पर्रिकर की विरासत को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं.
संखालिम (गोवा) : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और गोवा भाजपा के प्रभारी देवेंद्र फडनवीस के साथ काफी नोंकझोक के बावजूद पार्टी की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत नेता मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर को पणजी से टिकट नहीं दिया गया. अब इस मामले को लेकर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सफाई दे रहे हैं कि मैं गोवा में मनोहर पर्रिकर की विरासत को खत्म नहीं कर रहा हूं. लोग बेवजह की अफवाह फैला रहे हैं. बताते चलें कि गोवा में 14 फरवरी को मतदान होने हैं और उसके लिए चुनाव प्रचार पूरी तरह से थम गया है.
मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि कुछ लोग जो एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के राज्य में शीर्ष पद पर पहुंचने से खुश नहीं हैं, वे अफवाह फैला रहे हैं कि वह दिवंगत मनोहर पर्रिकर की विरासत को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. सावंत ने कहा कि मैंने दिवंगत नेता मनोहर पर्रिकर के मार्गदर्शन में राजनीति में प्रवेश किया. मैं विधायक के रूप में निर्वाचित हुआ और गोवा विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में चुना गया.
बताते चलें कि भाजपा के लोकप्रिय नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की साल 2019 में लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी. 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का टिकट पाने के लिए मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर ने खूब जोर लगाया. इसके लिए गोवा भाजपा के प्रभारी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के साथ कई दिनों तक जंग जारी रही. भाजपा की ओर से टिकट नहीं दिए जाने के बाद मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर ने पणजी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. हालांकि, उत्पल पर्रिकर ने यह जरूर कहा कि वह पणजी से निर्दलीय चुनाव जरूर लड़ रहे हैं, लेकिन भाजपा हमेशा उनके दिल में बसी रहेगी.
गोवा में 17 मार्च, 2019 को सीएम के रूप में पदभार संभालने वाले संखालिम से दो बार के विधायक सावंत ने कहा कि मनोहर पर्रिकर राज्य में पार्टी के शीर्ष नेता थे. उन्होंने दावा किया कि मेरे जैसे पार्टी कार्यकर्ता के इस पद पर पहुंचने से कुछ नेता खुश नहीं हैं. उन्हें लगता है कि केवल विशिष्ट लोगों को ही इस पद पर रहना चाहिए. यही कारण है कि वे इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं.
प्रमोद सावंत ने इस बात से इनकार किया कि मनोहर पर्रिकर की मौत के बाद से भाजपा बदल गई है, लेकिन उन्होंने कहा कि एक नेता के बदले जाने पर हमेशा बदलाव होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नहीं बदली है. कुछ नेता जो खुद को पार्टी से बड़ा समझते हैं, एक बदली हुई भाजपा के बारे में बोलते हैं.
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मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पिछले 10 साल में राज्य में जन-हितैषी विकास के कारण भाजपा 40 सदस्यीय सदन में 22 से अधिक सीटें जीतेगी और सरकार बनाने के लिए गठबंधन करने की आवश्यकता नहीं होगी. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और आम आदमी पार्टी (आप) के वोटों के बांटने की बात को खारिज कर दिया, जिससे सत्तारूढ़ भाजपा को मदद मिलेगी.
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