बरेली: सपा में बीडीए चुनाव के बाद रार, अखिलेश यादव के सामने पेश किए जाएंगे सुबूत, सोशल मीडिया पर घमासान

सपा का एक धड़ा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर संगठन की शिकायत करने की कोशिश में हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव 17 सितंबर को लंदन से लौटेंगे. इसके बाद 18 सितंबर को पार्टी के कुछ नेता उनसे मुलाकात कर कर संगठन की शिकायत करेंगे. इसके लिए ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ ही अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं.
Bareilly News: लोकसभा चुनाव 2024 करीब आ चुका है. सभी सियासी दल चुनावी तैयारी में जुटे हैं. मगर, बरेली समाजवादी पार्टी (सपा) में रार खत्म नहीं हो रही है. इस बार बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) सदस्य चुनाव में सपा को बड़ा सियासी नुकसान हुआ है. इसमें पार्टी का एक सदस्य भी बीडीए में नहीं पहुंचा.
सपा संगठन ने पार्षद अब्दुल कय्यूम खां मुन्ना को प्रत्याशी बनाया था. मगर, सपा के पार्षदों का आरोप है कि किसी से राय नहीं ली गई, जिसके चलते सपा के पार्षदों ने ही बगावत कर दी. सपा पार्षद और शहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने निर्दलीय चुनाव में ताल ठोक दी. उनको सपा के साथ ही अन्य दलों के 22 पार्षदों ने वोट दिया. मगर, सपा के घोषित प्रत्याशी अब्दुल कय्यूम मुन्ना को सिर्फ 6 वोट मिले. उनकी करारी हार हुई. मगर, सपा का बीडीए में कोई भी सदस्य नहीं बचा है. सिर्फ राजेश अग्रवाल ने निर्दलीय के रूप में जीत हासिल कर इज्जत बचाई है.
इसके साथ ही सपा के कई बार के पार्षद आरिफ कुरैशी ने सपा छोड़ने का ऐलान कर दिया. मगर, अब सपा का एक धड़ा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर संगठन की शिकायत करने की कोशिश में हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव 17 सितंबर को लंदन से लौटेंगे. इसके बाद 18 सितंबर को पार्टी के कुछ नेता उनसे मुलाकात कर कर संगठन की शिकायत करेंगे. इसके लिए ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ ही अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं.संगठन पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लग रहे हैं.
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बीडीए बोर्ड चुनाव के बाद सपा में काफी रार है. मगर, अब सपा के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि कुछ पार्षदों ने अनुशासनहीनता की है. ऐसे लोगों के खिलाफ हाईकमान को पत्र लिखकर भेजा है. इसके साथ ही राजेश अग्रवाल पर माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाया. लेकिन, राजेश अग्रवाल ने कहा कि अनुशासनहीनता नहीं की.
पार्षदों में से 8 पार्षद प्रत्याशी नाराज थे. महानगर अध्यक्ष पर निकाय चुनाव में पार्टी के टिकट बेचने का आरोप लगाया. बोले कि उनकी कुंडली खंगाल रहा हूं. उनका क्या धंधा है?, 20 लाख की गाड़ी कहां से खरीदी, कोठी कैसे बन रही है. उनका क्या काम है?.ये बताएं.राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी शिकायत करेंगे.
बरेली में काफी समय से गुटबाजी है, जिसके चलते पिछले दोनों पार्टी कार्यालय पर आयोजित एक बैठक में पार्टी के ही पूर्व विधायक सुल्तान बेग ने जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप पर नगर निकाय चुनाव में रुपए लेकर टिकट देने का आरोप लगाया था. इसको लेकर काफी कहासुनी हुई थी. मगर, यह मामला भी लखनऊ तक पहुंचा. लेकिन, इसके बाद भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसको लेकर भी पार्टी में गुटबाजी और बढ़ रही है. इसलिए पार्टी में अनुशासनहीनता बढ़ रही है.इसके साथ ही पार्टी के नुकसान को लेकर भी कोई फिक्रमंद नहीं.
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) बोर्ड से समाजवादी पार्टी का पत्ता साफ हो गया है. चुनाव प्रक्रिया में सपा के पूर्व पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल ने निर्दलीय पर्चा भरा था, तो वहीं सपा पार्षद आरिफ कुरैशी ने सदन में हाईकमान को इस्तीफा देने की बात कह दी थी. चुनाव में भाजपा के तीन और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की.पार्टी प्रत्याशी घोषित न करने से खफा सपा पार्षद आरिफ कुरैशी ने सदन में ही पार्टी से इस्तीफे देने का ऐलान कर दिया था.इसके बाद नाम वापसी, और वोटिंग शुरू हुई.
बीडीए बोर्ड चुनाव में निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने वाले राजेश अग्रवाल को 22 वोट मिले थे.भाजपा के नवल किशोर को 18, पूनम को 16 और शालिनी वर्मा को 16 वोट मिले थे.मगर, सपा प्रत्याशी अब्दुल कयूम मुन्ना को केवल 6 वोट मिले थे.
रिपोर्ट मुहम्मद साजिद, बरेली
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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