लातेहार के बूढ़ा पहाड़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू, सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां शामिल

Updated at : 20 Aug 2022 10:20 AM (IST)
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लातेहार के बूढ़ा पहाड़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू, सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां शामिल

बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के थलिया व तिसीया जंगल में गुरुवार की रात से नक्सलियों के खिलाफ अभियान में पुलिस ने कई लैंड माइंस नष्ट किये. बूढ़ा पहाड़ झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित है.

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Jharkhand News: बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के थलिया व तिसीया जंगल में गुरुवार की रात नक्सलियों के खिलाफ अभियान में पुलिस ने कई लैंड माइंस नष्ट किये. बूढ़ा पहाड़ झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित है. इस इलाके में 2018 के बाद से माओवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया गया है. पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान सुरक्षा बल पूरी सतर्कता से आगे बढ़ रहे हैं.

सुरक्षा बलों के 40 कंपनियां शामिल

बुढ़ा पहाड़ में चलाये जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों की 40 से अधिक कंपनियों को शामिल किया गया है. इनमें कोबरा, जगुआर एसॉल्ट ग्रुप, सीआरपीएफ, जैप और आइआरबी शामिल हैं. अभियान के दौरान सीआरपीएफ, जैप व आइआरबी ने इलाके में घेराबंदी की है, जबकि कोबरा और जगुआर माओवादियों के खिलाफ स्ट्राइक कर रहीं हैं.

माओवादी का मुख्य केंद्र

बूढ़ा पहाड़ माओवादियों का सुरक्षित ठिकाना रहा है. इसे मुक्त कराना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती है. माओवादियों ने वर्ष 2013-14 में बूढ़ापहाड़ को झारखंड-बिहार उत्तरी छत्तीसगढ़ सीमांत एरिया स्पेशल कमिटी का मुख्यालय बनाया था. एक करोड़ के इनामी दिवंगत माओवादी कमांडर अरविंद ने बूढ़ा पहाड़ को अपना मजबूत ठिकाना बनाया था. पुलिस को सूचना मिली है कि 25 लाख के इनामी माओवादी सौरव उर्फ मरकस बाबा के नेतृत्व में 40 से 50 की संख्या में माओवादी कैंप कर रहे हैं. इसी इलाके में माओवादी कमांडर नवीन यादव, रविंद्र गंझू, मृत्युंजय भुइंया, संतु भुइंया व छोटू खेरवार ने शरण ले रखी है. यहां से नक्सली अपनी रणनीति बनाते रहे हैं.

झारखंड में अभियान चलाने पर जोर

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के सम्मेलन में झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया है. सम्मेलन में झारखंड पुलिस ने बताया कि नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद कई अहम जानकारियां मिलीं. झारखंड पुलिस की सूचना पर ही रंजीत बोस उर्फ कंचन की गिरफ्तारी असम से हुई है. गिरफ्तारी के बाद माओवादियों की बड़ी योजना विफल हो गयी. उल्लेखनीय है कि 17-18 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठक हुई थी. इसमें झारखंड पुलिस की ओर से डीजीपी नीरज सिन्हा समेत कई वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी शामिल हुए.

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