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बेगूसराय में नदी के बढ़ते जलस्तर से दहशत में ग्रामीण, गंगा को मनाने के लिए पूजा का सहारा लेती महिलाएं

Updated at : 23 Aug 2022 3:52 PM (IST)
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बेगूसराय में नदी के बढ़ते जलस्तर से दहशत में ग्रामीण, गंगा को मनाने के लिए पूजा का सहारा लेती महिलाएं

ग्रामीणों गंगा नदी के इस डरावने रूप को देख कर डरे हुए हैं. गांव की कुछ महिलाएं डर से नदी किनारे गंगा की पूजा अर्चना कर रही हैं. गंगा मैया से गुहार लगाई जा रही है ताकि जलस्तर कम हो जाए. इधर गंगा के जल स्तर में वृद्धि के बाद प्रशासन की भी नींद हराम हो गयी है.

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बेगूसराय में अचानक गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से लगभग आधे दर्जन से अधिक प्रखंडों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जिस गति से गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी हो रही है वैसे में बाढ़ की विभीषिका से इन्कार नहीं किया जा सकता है. जिले का बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, बलिया, साहेबपुरकमाल व शाम्हो प्रखंड गंगा किनारे वाले प्रखंड है. जहां प्रतिवर्ष लोग बाढ़ की त्रासदी को झेलते हैं.

महिलाएं गंगा मैया से लगा रही गुहार 

यहां ग्रामीणों गंगा नदी के इस डरावने रूप को देख कर डरे हुए हैं. गांव की कुछ महिलाएं डर से नदी किनारे गंगा की पूजा अर्चना कर रही हैं. गंगा मैया से गुहार लगाई जा रही है ताकि जलस्तर कम हो जाए. इधर गंगा के जल स्तर में वृद्धि के बाद प्रशासन की भी नींद हराम हो गयी है. विभिन्न प्रखंडों में पदाधिकारियों के द्वारा बाढ़ पर पैनी नजर रखे हुए हैं. प्रशासन का कहना है कि संभावित बाढ़ को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है.

पशुओं को चारा खिलाने का संकट

गंगा एवं क्यूल नदी में पिछले कई दिनों से लगातार पानी बढ़ने से जिले के शाम्हो प्रखंड के निचले हिस्से में पानी घुस गया है, जिससे हजारों एकड़ में लगी मक्का, सोयाबीन की फसल नष्ट हो गयी है और किसानों के समक्ष अपने पशुओं को चारा खिलाने का संकट उत्पन्न हो गया है. यहां के किसान बताते हैं कि पिछले कुछ सालों से हर साल बाढ़ आने से उन को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. शाम्हो प्रखंड से सोनबरसा जाने वाली सड़क भी पानी से प्रभावित हो चुकी है.

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50 हजार की आबादी के समक्ष संकट उत्पन्न हो सकता

अगर गंगा के जल स्तर में इसी तरह से वृद्धि जारी रहा तो प्रखंड के 50 हजार की आबादी के समक्ष संकट उत्पन्न हो सकता है. सबसे अधिक परेशानी इस इलाके में मवेशी पालकों को होती है. हरा चारा के पानी में डूब जाने और आवागमन प्रभावित हो जाने से पशुओं के सामने बाढ़ के समय में घोर संकट उत्पन्न हो जाता है. अंचलाधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि प्रशासन बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और हम स्थिति पर करीब से नजर बनाये हुए हैं. हमारी कोशिश है कि जान-माल को न्यूनतम नुकसान हो.

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