बिहार के बगहा में मुखिया को निगरानी की टीम ने घूस लेते रंगे हाथों दबोचा, आवास के लिए रिश्वतखोरी का मामला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Apr 2022 2:02 PM

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बिहार में निगरानी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बगहा में एक पंचायत के मुखिया को घूस लेते रंगे हाथों दबोचा है. आवास मामले में रिश्वतखोरी की शिकायत के बाद विजलेंस ने ये कार्रवाई की.

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बिहार में एक घूसखोर मुखिया को निगरानी विभाग ने रंगे हाथों दबोचा है. पश्चिमी चंपारण के बगहा-1 प्रखंड के बांसगांव मंझरिया पंचायत के मुखिया को विजलेंस की टीम ने गिरफ्तार किया है. आवास मामले में रिश्वत की मांग मुखिया ने की थी. इसकी शिकायत निगरानी के पास की गयी थी. शुक्रवार को निगरानी की टीम ने मुखिया बृजेश राम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. आरोपित को निगरानी की टीम अपने साथ लेकर गयी.

15 हजार रुपये रिश्वत की मांग का आरोप

बगहा एक अंतर्गत बांसगांव मंझरिया पंचायत के मुखिया बृजेश राम को 15 हजार रुपये रिश्वत लेने को लेकर पटना से पहुंची निगरानी की टीम ने शुक्रवार को बगहा-चौतरवा मुख्य सड़क के परसा मोड़ पर धर दबोचा. छापेमारी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी अरुण कुमार पासवान, इंस्पेक्टर निगरानी सत्येंद्र राम, अनिल कुमार, अभय रंजन कुमार सिंह ने पटना से सुबह में छोटकी पट्टी चौक पर पहुंच ग्रामीणों से बांसगांव मंझरिया का रास्ता पूछ वाहन पर चढ़कर निगरानी की टीम भैरोगंज के लिए प्रस्थान किया.

मुखिया बृजेश राम का इंतजार करती रही टीम, दबोचा

नड्डा चौक से अचानक मिली जानकारी के मुताबिक निगरानी की टीम के सभी सदस्य गाड़ी वापस परसा मोड़ पर लेकर पहुंचे और मुखिया बृजेश राम का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही मुखिया अपने वार्ड नंबर 17 के सदस्य विशुन साहनी के साथ उक्त स्थल पर पहुंचे, घेराबंदी बनाकर निगरानी की टीम ने मुखिया को गिरफ्तार कर लिया. मुखिया को लेकर टीम पटना के लिए रवाना हो गयी.

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आवेदन पर निगरानी की टीम यहां पहुंची

बांसगांव मंझरिया के उप मुखिया सह वार्ड नंबर 2 के सोनी देवी के पति सुजीत कुमार सिंह, वार्ड नंबर 1 के निर्भय सिंह तथा वार्ड नंबर 3 के प्रवेश सोनी के आवेदन पर निगरानी की टीम यहां पहुंची थी. इस दौरान वार्ड नंबर 2 के सोनी देवी के पति सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा का फाइल खोलने के लिए तीनों वार्ड सदस्यों से 5000-5000 हजार रुपये की लगातार मांग की जा रही थी. यही नहीं आवास संबंधित मामलों में भी पैसे की मांग की जा रही थी.

निगरानी की टीम को लगातार मिली सूचना

सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि इससे परेशान होकर निगरानी ऑफिस पटना को एक आवेदन पत्र को लिखकर दिया गया था. निगरानी की टीम को लगातार इसकी सूचना दी जा रही थी. जिसके बाद निगरानी की टीम के हाथों मुखिया की गिरफ्तारी हो गयी है. साथ ही आवेदनकर्ता सुजीत कुमार सिंह भी निगरानी के टीम के साथ पटना चले गये.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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