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आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का ऐलान, समूह बीमा का लाभ भी मिलेगा

3 Mar, 2023 2:41 pm
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आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का ऐलान, समूह बीमा का लाभ भी मिलेगा

आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा झारखंड के वित्त मंत्री ने विधानसभा में की. डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के चयन एवं मानदेय नियमावली गठित की गयी है. इनके मासिक मानदेय में 3,100 रुपये से 4,800 रुपये की वृद्धि की गयी है.

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Jharkhand Budget 2023-24: आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा झारखंड के वित्त मंत्री ने आज विधानसभा में की. अपना चौथा बजट भाषण पढ़ते हुए वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के चयन एवं मानदेय नियमावली गठित की गयी है. इनके मासिक मानदेय में 3,100 रुपये से 4,800 रुपये की वृद्धि की गयी है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 से इनके मानदेय में और वृद्धि की जायेगी.

सहायिका-सेविकाओं का इतना बढ़ेगा मानदेय

वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि वर्ष 2023-24 से इनके मानदेय में प्रति माह 500 रुपये तथा 250 रुपये की वृद्धि की जायेगी. इतना ही नहीं, सभी के लिए 500 रुपये प्रति वर्ष प्रीमियम का भुगतान करके राज्य सरकार इन्हें ग्रुप इंश्योरेंस का भी लाभ देगी. इसके अलावा, राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को 6,000 रुपये प्रति केंद्र की दर से समेकित निधि उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि छोटी-मोटी तात्कालिक जरूरतों की पूर्ति हो सके.

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छोटे बच्चों के लिए ‘आंगनबाड़ी चलो अभियान’

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों को पाठशाला पूर्व शिक्षा के लिए ‘आंगनबाड़ी चलो अभियान’ की शुरुआत की जायेगी. इस योजना के तहत बच्चों को पोशाक एवं वर्क-बुक तथा सभी केंद्रों में फर्नीचर आदि उपलब्ध कराये जाने के लिए वर्ष 2023-24 में 190 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है.

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800 आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे, 100 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन नहीं होने की वजह से कई तरह की दिक्कतें होती हैं. इसलिए सरकार की राज्य में 800 नये आंगनबाड़ी भवन का निर्माण करने की योजना है. इसके लिए आगामी वित्त वर्ष में 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव किया गया है.

आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिलेंगे स्मार्ट फोन

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को आधुनिक सूचना तंत्र से जोड़ने के उद्देश्य से सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और सामाजिक सुरक्षा के लिए वर्ष 2023–24 में 7,171 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है, जो वित्तीय वर्ष 2019–20 की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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